कोलकाता(आरएनएस)। ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित घर पर रात 3 बजे कोलकाता पुलिस ने छापा मारा। इस दौरान केंद्रीय बलों के जवान भी पुलिस के साथ थे। पुलिस ने करीब 4 घंटे तक अभिषेक के घर की तलाशी ली। इसकी खबर लगते ही ममता बनर्जी भी अभिषेक के आवास पर पहुंची। बाद में अभिषेक ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने ताला तोडक़र जबरन घर में प्रवेश किया और परिसर की तलाशी ली।यह छापेमारी किस मामले में की गई, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। बताया जा रहा है कि पश्चिम मेदिनीपुर के सालबोनी पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले को लेकर यह छापेमारी की गई।सूत्रों के हवाले से बताया कि मेदिनीपुर के पूर्व विधायक और जिला टीएमसी अध्यक्ष सुजॉय हाजरा की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद पुलिस टीम शुक्रवार रात को कोलकाता पहुंची और अभिषेक के आवास पर गई।टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने कहा, सुबह 3 बजे पुलिस अभिषेक के घर पहुंची। सुबह 5 बजे आपदा प्रबंधन टीम को ताले तोडऩे के लिए बुलाया गया। सुबह 6:30 बजे दूसरी मंजिल से छत तक तलाशी शुरू, 90 मिनट तक चली। नतीजा शून्य, कोई सबूत नहीं। कोई गलत काम नहीं। कुछ नहीं। सिर्फ राजनीतिक प्रतिशोध, धमकी और मानसिक प्रताडऩा। ऑपरेशन लोटस हर उस नेता को निशाना बना रहा है, जो भाजपा के सामने आत्मसमर्पण करने से इनकार करता है। एक अन्य घटनाक्रम में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित नगरपालिका भर्ती घोटाले से जुड़े धन शोधन की जांच के तहत टीएमसी विधायक मदन मित्रा के ठिकानों पर छापा मारा है।
अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने 7 परिसरों में तलाशी ली। ईडी का दावा है कि अब तक जुटाए गए सबूतों से संकेत मिलता है कि मदन ने विभिन्न नगरपालिकाओं में पदों पर अयोग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति के बदले में नकदी और सोने के रूप में रिश्वत प्राप्त की।
पुलिस की कार्रवाई से गुस्साए अभिषेक ने बाद में मीडिया से बातचीत में कहा कि आप तलाशी के बारे में जांचकर्ता एजेंसियों से पूछ सकते हैं। उन्होंने कहा, क्या मैंने उसे (सुमित को) घर में छिपा रखा है। मेरे पूरे घर की तलाशी ली जा चुकी है। कुछ समय तक आवास पर रहने के बाद पुलिस टीम वहां से रवाना हो गई। पुलिस अभियान के दौरान ममता भी अभिषेक के घर पर मौजूद थीं।








