आतंकवाद को संरक्षण देने वालों को नहीं मिलेगा सिंधु नदी का पानी,’राजनाथ सिंह का पाकिस्तान को सख्त संदेश

Join Us

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि भारत आतंकवाद को संरक्षण देने वालों तक सिंधु नदी का पानी नहीं पहुंचने देगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद पूरी तरह बंद नहीं करता, तब तक सिंधु जल संधि निलंबित ही रहेगी। रक्षा मंत्री हैदराबाद में आयोजित एक ‘बुद्धिजीवी सम्मेलन’ को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’, पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद सिंधु जल संधि को निलंबित किए जाने का उल्लेख किया।
राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए भारत ने दुनिया को यह दिखा दिया है कि जो लोग शांति और सद्भाव की भाषा नहीं समझते, उन्हें जवाब देना भी भारत अच्छी तरह जानता है। उन्होंने कहा, “पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को निलंबित कर हमने साफ संदेश दिया है कि जिनके आंसू सूख चुके हैं, उन्हें हमसे पानी की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। हम सिंधु नदी का पानी आतंकवादियों और मानवता के दुश्मनों के संरक्षकों तक नहीं पहुंचने देंगे।
रक्षा मंत्री का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस टिप्पणी की पुनरावृत्ति माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि “खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते।नई दिल्ली ,13 जून ,(आरएनएस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि भारत आतंकवाद को संरक्षण देने वालों तक सिंधु नदी का पानी नहीं पहुंचने देगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद पूरी तरह बंद नहीं करता, तब तक सिंधु जल संधि (ढ्ढङ्खञ्ज) निलंबित ही रहेगी। रक्षा मंत्री हैदराबाद में आयोजित एक ‘बुद्धिजीवी सम्मेलन’ को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’, पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद सिंधु जल संधि को निलंबित किए जाने का उल्लेख किया।
राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए भारत ने दुनिया को यह दिखा दिया है कि जो लोग शांति और सद्भाव की भाषा नहीं समझते, उन्हें जवाब देना भी भारत अच्छी तरह जानता है। उन्होंने कहा, “पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को निलंबित कर हमने साफ संदेश दिया है कि जिनके आंसू सूख चुके हैं, उन्हें हमसे पानी की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। हम सिंधु नदी का पानी आतंकवादियों और मानवता के दुश्मनों के संरक्षकों तक नहीं पहुंचने देंगे।
रक्षा मंत्री का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस टिप्पणी की पुनरावृत्ति माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि “खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते।

Previous articleअसम में वायुसेना का विमान क्रैश, लैंडिंग के वक्त बीच से हुए दो टुकड़ेज् धू-धू कर जला एन-32
Next articleपेपर लीक विवाद : कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ की देशव्यापी अभियान की घोषणा, 17 जून से होगी शुरुआत