आरबीआई के फैसलों के बाद आ सकता है 40 अरब डॉलर तक का कैपिटल इनफ्लो: एसबीआई रिपोर्ट

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एसबीआई रिसर्च की ओर से शुक्रवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया कि भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति कमेटी (आरबीआई -एमपीसी) द्वारा लिए गए फैसलों से देश में 40 अरब डॉलर का कैपिटल इनफ्लो देखने को मिल सकता है और इससे डॉलर के मुकाबले रुपया 92-93 के स्तर पर जा सकता है।
साथ ही कहा कि केंद्रीय बैंक अगस्त की मौद्रिक नीति में भी ब्याज दरों को स्थिर रख सकता है। रिपोर्ट में एसबीआई रिसर्च ने कहा, हमारा मानना है कि आरबीआई ब्याज दरों में संभावित वृद्धि पर विचार करने से पहले महंगाई के आंकड़ों का विश्लेषण करना जारी रखेगा। बाजार की उम्मीदों के विपरीत, विकास संबंधी कारक ब्याज दरों में आक्रामक वृद्धि के चक्र को दरकिनार कर सकते हैं। हमें अगस्त में नीतिगत दरों में कोई बदलाव न होने की उम्मीद है।
एसबीआई रिसर्च ने कहा कि एमपीसी ने सर्वसम्मति से रेपो दर को 5.25 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखने और तटस्थ रुख जारी रखने का निर्णय लिया, जबकि विकास अनुमानों को 30 बीएसपी समायोजित करके 6.6 प्रतिशत कर दिया गया है। साथ ही, सीपीआई मुद्रास्फीति अनुमान को भी 50 बीएसपी संशोधित करके अब 5.1 प्रतिशत कर दिया है। रिपोर्ट में आगे कहा गया , गहन विश्लेषण के आधार पर, हमें लगता है कि मौद्रिक नीति की भाषा मुद्रास्फीति पर निगरानी और बाहरी क्षेत्र से बचाव पर केंद्रित रही है, हालांकि नीति का रुख तटस्थ है। यह विवेकपूर्ण कदम है क्योंकि यह आरबीआई की ओर से शांति और आत्मविश्वास का संकेत देता है और निराशावादी धारणाओं को रोकता है जो संभावित रूप से रुपए पर सट्टेबाजी को जन्म दे सकती हैं।
एसबीआई रिसर्च ने बताया कि आरबीआई ने नीति वक्तव्य में एक बार फिर स्पष्ट रूप से इस बात पर जोर दिया गया है कि कभी-कभी रुपए की चाल मूलभूत कारकों के अनुरूप नहीं होती है। रिपोर्ट में कहा गया, इससे उन हालिया अनावश्यक आरोपों पर विराम लग जाता है कि रुपए को 100 तक भी बढऩे दिया जाना चाहिए, क्योंकि इस तरह के अनावश्यक दावे रुपए पर सट्टेबाजी को बढ़ावा देते हैं।

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