सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एवं गैस कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड ने अंडमान अपतटीय क्षेत्र में प्राकृतिक गैस का दूसरा महत्वपूर्ण भंडार खोजने में सफलता हासिल की है। इस खोज से सीमांत बेसिन क्षेत्र के भविष्य में एक महत्वपूर्ण हाइड्रोकार्बन उत्पादक केंद्र के रूप में उभरने की संभावनाएं और मजबूत हो गई हैं। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि यह खोज ‘विजयपुरम-3’ अन्वेषण कुएं में हुई है। यह कुआं अंडमान द्वीप समूह के पूर्वी तट से लगभग 15 किलोमीटर दूर 355 मीटर गहरे समुद्री क्षेत्र में स्थित है। यह इस क्षेत्र में ऑयल इंडिया द्वारा खोदा गया दूसरा सफल गैस-युक्त कुआं है।
ऑयल इंडिया ने बीएसई और एनएसई को दी गई सूचना में बताया कि ‘ओपन एकरेज लाइसेंसिंग पॉलिसी’ (ह्र्ररुक्क) के तहत ‘ऑफशोर अंडमान ब्लॉक ्रहृ-ह्रस्॥क्क-2018/1’ में इस कुएं की ड्रिलिंग की गई। कंपनी के अनुसार, श्वशष्द्गठ्ठद्ग फॉर्मेशन में 1,900 मीटर से अधिक गहराई पर स्थित इस कुएं की प्रारंभिक उत्पादन परीक्षण के दौरान लगातार फ्लेयरिंग से प्राकृतिक गैस की मौजूदगी की पुष्टि हुई।
कंपनी ने बताया कि परफोरेशन के बाद कुएं में दबाव तेजी से बढ़ा और गैस का प्रवाह शुरू हो गया। फिलहाल गैस के रासायनिक संघटन, कैलोरीफिक वैल्यू और उसके निर्माण की प्रक्रिया को समझने के लिए सैंपलिंग और आइसोटोप अध्ययन किए जा रहे हैं। ऑयल इंडिया के अनुसार, यह खोज क्षेत्र में हाइड्रोकार्बन स्रोत, उसके प्रवास मार्ग और संभावित भंडारों की मौजूदगी का महत्वपूर्ण संकेत देती है। इससे भविष्य की खोज और उत्पादन रणनीति तैयार करने में मदद मिलेगी।
गौरतलब है कि कंपनी ने सितंबर 2024 में भी ‘विजयपुरम-2’ कुएं में प्राकृतिक गैस की खोज की थी। अंडमान क्षेत्र में अब तक खोदे गए तीन अन्वेषण कुओं में से दो में हाइड्रोकार्बन की मौजूदगी की पुष्टि हो चुकी है, जो इस क्षेत्र की ऊर्जा संभावनाओं को नई मजबूती प्रदान करती है।








