ईरान-अमेरिका समझौता करीब लेकिन अभी डील पूरी नहीं हुई है ‘, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का बड़ा बयान

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अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव और संघर्ष को समाप्त करने के लिए चल रही बातचीत अंतिम चरण में पहुंचती दिख रही है। हालांकि, अमेरिकी उपराष्ट्रपति  ने स्पष्ट किया है कि दोनों देशों के बीच अभी कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है।
गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में वेंस ने कहा कि यूरेनियम संवर्धन समेत कई अहम विषयों पर चर्चा जारी है। उन्होंने कहा, हम अभी अंतिम समझौते तक नहीं पहुंचे हैं, लेकिन काफी करीब हैं और वार्ता आगे बढ़ रही है।
उन्होंने दावा किया कि समझौता होने पर होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोला जा सकेगा। वेंस के अनुसार, अमेरिका ईरान की पारंपरिक सैन्य क्षमताओं को काफी कमजोर कर चुका है और उसके परमाणु कार्यक्रम को लंबे समय तक पीछे धकेलने की स्थिति में है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक प्रस्तावित समझौते में मौजूदा युद्धविराम को 60 दिनों तक बढ़ाने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर औपचारिक वार्ता शुरू करने की योजना शामिल है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि समझौते की रूपरेखा तैयार हो चुकी है, लेकिन इसे अमेरिकी राष्ट्रपति ष्ठशठ्ठड्डद्यस्र ञ्जह्म्ह्वद्वश्च और ईरानी नेतृत्व की मंजूरी मिलना बाकी है।
हालांकि, ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ञ्जड्डह्यठ्ठद्बद्व हृद्ग2ह्य ्रद्दद्गठ्ठष्4 ने इन दावों का खंडन करते हुए कहा है कि किसी भी समझौते को अंतिम रूप नहीं दिया गया है।
अमेरिका लंबे समय से ईरान से उच्च स्तर के संवर्धित यूरेनियम के उत्पादन और उसके भंडार को समाप्त करने की मांग करता रहा है। वाशिंगटन का मानना है कि इस सामग्री का उपयोग परमाणु हथियार बनाने में किया जा सकता है।
रिपोर्टों के अनुसार, संभावित समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने का प्रावधान भी शामिल हो सकता है। इसके तहत ईरान को 30 दिनों के भीतर समुद्री मार्ग में बिछाई गई बारूदी सुरंगों को हटाना होगा। बदले में अमेरिका कुछ प्रतिबंधों में राहत देकर ईरान के तेल निर्यात को फिर से शुरू करने की अनुमति दे सकता है।
इस बीच, ईरान के सरकारी मीडिया में 14 बिंदुओं वाले कथित समझौता मसौदे की चर्चा भी सामने आई, जिसमें अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने और क्षेत्र से अमेरिकी बलों की वापसी जैसे प्रावधान बताए गए। हालांकि,  ने इस दस्तावेज को मनगढ़ंत बताया है।
समझौते की बातचीत के बीच दोनों देशों ने एक-दूसरे पर युद्धविराम उल्लंघन के आरोप लगाए हैं।  ने दावा किया कि उसने क्षेत्र में एक अमेरिकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाया, जबकि अमेरिकी सेना ने इन दावों को खारिज किया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है। वैश्विक स्तर पर तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (रुहृत्र) का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है। ऐसे में अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को क्षेत्रीय शांति के साथ-साथ वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और आर्थिक स्थिरता के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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