तलाकशुदा बेटी-मृत बेटी से अच्छी है’, ट्विशा शर्मा मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, मीडिया को दी नसीहत

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नई दिल्ली ,26 मई ,(आरएनएस)। भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। इस हाई-प्रोफाइल मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए शीर्ष अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सुनवाई की। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान मीडिया कवरेज और सार्वजनिक बयानों को लेकर चिंता जताई।
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की एक टिप्पणी भी चर्चा का विषय बन गई। उन्होंने कहा कि तलाकशुदा बेटी, मृत बेटी से बेहतर है। उनकी यह टिप्पणी महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक दबाव के संदर्भ में की गई बताई जा रही है।
मीडिया ट्रायल से बचने की सलाह
सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने कहा कि मामले से जुड़ी कुछ गतिविधियों और बयानों से अदालत को पीड़ा हुई है। उन्होंने मीडिया से अपील करते हुए कहा कि पीडि़त परिवार या दूसरे पक्ष के बयान लगातार प्रसारित करने से बचा जाए और मामले को कानून व न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे बढऩे दिया जाए।
सीजेआई ने कहा कि अदालत को भरोसा है कि दोनों पक्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेंगे। साथ ही उन्होंने संकेत दिए कि संवेदनशील मामलों में मीडिया ट्रायल से बचना बेहद जरूरी है, ताकि जांच प्रभावित न हो।
देशभर में चर्चा का विषय बना मामला
ट्विशा शर्मा मौत मामला पिछले कुछ दिनों से राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में है। मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी व्यापक बहस छिड़ी हुई है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्वत: संज्ञान लेने के बाद अब इस केस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं। फिलहाल अदालत ने मामले की सुनवाई जारी रखते हुए संबंधित पक्षों से संयम बरतने और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करने की अपील की है।
ष्टछ्वढ्ढ ने ये भी कहा कि मृतक की सास एक रिटायर्ड जिला जज हैं। यह अफसोस की बात है कि ऐसा कहा जा रहा है कि न्यायपालिका निष्पक्ष सुनवाई की इजाजत नहीं दे रही। हमें कोई शक नहीं है कि पीडि़त और आरोपी दोनों ही जांच में सहयोग करेंगे। हमें अपनी राज्य एजेंसियों या ष्टक्चढ्ढ पर भी कोई शक नहीं है। जो भी जांच करेगा, वह निश्चित रूप से जांच को उसके अंजाम तक पहुंचाएगा और सच का पता लगाएगा

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