ईरान यूरेनियम सौंपने को तैयार, ट्रंप ने कहा-ईरान के साथ समझौता करीब

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ईरान और अमेरिका के बीच तनाव को लेकर अहम जानकारियां सामने आ रही हैं। दावा है कि ईरान अपना संवर्धित यूरेनियम छोडऩे को तैयार हो गया है। इस मुद्दे पर दोनों देशों में काफी मतभेद थे। हालांकि, ये यूरेनियम कैसे और किसे सौंपा जाएगा, ये अभी पता नहीं है। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी बातचीत में प्रगति के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ शांति समझौते पर काफी हद तक बातचीत हो चुकी है।
ट्रंप ने कहा, मध्य पूर्व में सहयोगियों के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई। यह बातचीत ईरान और शांति से जुड़े एक समझौते के बारे में थी। एक समझौते पर काफी हद तक बातचीत पूरी हो चुकी है, जिसे अंतिम रूप दिया जाना बाकी है। इस सौदे के अंतिम पहलुओं और विवरणों पर चर्चा चल रही है और जल्द ही इसकी घोषणा की जाएगी। समझौते के कई अन्य तत्वों के अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य को भी खोल दिया जाएगा।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने सहमति पत्र का जिक्र करते हुए कहा कि ईरान 14 बिंदुओं वाले एक ढांचे के रूप में समझौता करना चाहता है। उन्होंने कहा, इस समझौते को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि अगले 30 से 60 दिनों के भीतर आगे की बातचीत हो सके और अंतत: एक अंतिम समझौता किया जा सके। हालांकि, उन्होंने अमेरिका पर विरोधाभासी बयान देने का आरोप भी लगाया।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान एक समझौते पर हस्ताक्षर करने के करीब हैं, जिससे मौजूदा युद्धविराम 60 दिनों के लिए बढ़ जाएगा और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुल जाएगा। प्रस्तावित समझौते से क्षेत्र में तनाव कम होने और होर्मुज से समुद्री यातायात बहाल होने की उम्मीद है। ये घटनाक्रम ऐसे समय सामने आए हैं, जब ट्रंप प्रशासन कथित तौर पर ईरान के खिलाफ नए हमलों की तैयारी कर रहा था।
सूत्रों ने ट्रंप के उस बयान का खंडन किया है, जिसमें उन्होंने संभावित समझौते के अंतिम रूप दिए जाने की बात कही है। ट्रंप के दावे के उलट फार्स ने कहा कि समझौते के तहत ईरान होर्मुज का प्रबंधन करेगा न कि अमेरिका या कोई और। फार्स ने ये भी कहा कि ट्रंप का यह दावा कि समझौता लगभग अंतिम रूप ले चुका है, वास्तविकता के विपरीत है।
दरअसल, यूरेनियम का इस्तेमाल परमाणु बम बनाने में किया जाता है। इसके लिए यूरेनियम को संवर्धित करना होता है। माना जाता है कि ईरान के पास 440 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम है। इसे अगर और संवर्धित किया तो इससे परमाणु हथियार बनाए जा सकते हैं। यही वजह है कि दोनों देश इसे लेकर अड़े हुए हैं। हालांकि, इसके लिए यूरेनियम को 90 प्रतिशत तक संवर्धित करना होता है। फिलहाल ईरान के पास 60 प्रतिशत संवर्धित यूरेनियम है।

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