अब लोन रिकवरी एजेंट्स नहीं कर सकेंगे बदतमीजी; ग्राहकों को धमकी देने पर बना सख्त नियम

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बैंकों और हृक्चस्नष्ट से लोन लेने वाले करोड़ों ग्राहकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लोन रिकवरी के नाम पर ग्राहकों को धमकाने, गाली-गलौज करने, मानसिक रूप से प्रताडि़त करने और मारपीट जैसी घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया  ने सख्त नियमों का नया ड्राफ्ट जारी किया है। नए प्रस्तावित नियमों के तहत रिकवरी एजेंटों की मनमानी पर रोक लगेगी और ग्राहकों के अधिकारों को अधिक सुरक्षा मिलेगी।
धमकी और बदसलूकी पर सख्त रोक
क्रक्चढ्ढ ने साफ किया है कि लोन रिकवरी के दौरान किसी भी ग्राहक, उसके गारंटर, रिश्तेदार या दोस्तों को डराना-धमकाना पूरी तरह गैरकानूनी माना जाएगा। गुमनाम नंबरों से बार-बार फोन करना, अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करना, सोशल मीडिया पर वीडियो या रिकॉर्डिंग डालकर बदनाम करना और मानसिक दबाव बनाना हार्श प्रैक्टिस की श्रेणी में आएगा। ऐसे मामलों में संबंधित बैंक और एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी।
रिकवरी एजेंटों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य
अब कोई भी बैंक बिना जांच-पड़ताल के किसी को रिकवरी एजेंट नियुक्त नहीं कर सकेगा। क्रक्चढ्ढ के ड्राफ्ट के अनुसार सभी एजेंटों का पुलिस वेरिफिकेशन जरूरी होगा। आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को रिकवरी प्रक्रिया से दूर रखा जाएगा, ताकि ग्राहकों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाओं को रोका जा सके।
एजेंटों को दिखाना होगा आईडी और ऑथराइजेशन
नए नियमों के मुताबिक हर रिकवरी एजेंट के पास   का वैध सर्टिफिकेट होना जरूरी होगा। इसके अलावा एजेंट जब भी किसी ग्राहक के घर जाएगा, उसे अपना एजेंसी आईडी कार्ड, बैंक का अधिकृत पत्र और संबंधित नोटिस की कॉपी दिखानी होगी। साथ ही ग्राहकों को कम से कम एक दिन पहले सूचना देना भी अनिवार्य रहेगा।
शादी या शोक के समय नहीं होगी वसूली
क्रक्चढ्ढ ने ग्राहकों की निजी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए रिकवरी कॉल और मुलाकात के समय भी तय कर दिए हैं। अब एजेंट सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे के बीच ही संपर्क कर सकेंगे। इसके अलावा शादी-विवाह, धार्मिक कार्यक्रम या शोक जैसी परिस्थितियों में ग्राहकों को परेशान करने पर भी रोक रहेगी।
बैंक नहीं झाड़ सकेंगे जिम्मेदारी
क्रक्चढ्ढ ने स्पष्ट किया है कि अगर कोई रिकवरी एजेंट ग्राहकों के साथ बदसलूकी करता है तो बैंक यह कहकर जिम्मेदारी से नहीं बच सकेंगे कि एजेंट थर्ड पार्टी है। एजेंट की हर कार्रवाई के लिए संबंधित बैंक सीधे तौर पर जिम्मेदार होगा। साथ ही बैंकों को अपनी वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर सभी अधिकृत रिकवरी एजेंसियों की जानकारी सार्वजनिक करनी होगी।
कब से लागू होंगे नए नियम?
क्रक्चढ्ढ द्वारा जारी यह ड्राफ्ट फिलहाल सुझाव और प्रतिक्रिया के चरण में है। माना जा रहा है कि इन नियमों को 1 अक्टूबर 2026 से लागू किया जा सकता है। नए नियम लागू होने के बाद ग्राहकों को मानसिक प्रताडऩा और धमकी से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।

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