आजम खान को कोर्ट से बड़ा झटका, ‘जूते साफ कराऊंगा’ वाले विवादित बयान में दोषी करार; मिली 2 साल की सजा

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लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान तत्कालीन जिलाधिकारी  पर सरेआम विवादित टिप्पणी करने के मामले में समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान को करारा झटका लगा है। शनिवार को एमपी-एमएलए (रूक्क-रूरु्र) मजिस्ट्रेट कोर्ट ने इस बहुचर्चित मामले में अपना फैसला सुनाते हुए आजम खान को दोषी करार दिया है। अदालत ने उनके बिगड़े बोल पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें दो साल के साधारण कारावास की सजा से दंडित किया है और साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
तत्कालीन डीएम को लेकर दिया था ये विवादित बयान
यह पूरा मामला साल 2019 के लोकसभा चुनाव का है, जब आजम खान समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के तौर पर चुनावी मैदान में उतरे थे। उस दौरान भोट थाना क्षेत्र में एक बड़े रोड शो के बीच उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो में आजम खान सत्ता के नशे में तत्कालीन जिलाधिकारी (वर्तमान में मुरादाबाद के कमिश्नर आन्जनेय कुमार सिंह) पर सीधा निशाना साधते हुए कह रहे थे, ‘ये तनखइया हैं, इनसे मत डरियो, उन्हीं के साथ गठबंधन है जो जूते साफ करा लेती हैं, इंशा अल्लाह चुनाव बाद इनसे जूते साफ कराऊंगाज्।’
चुनाव आयोग की सख्ती के बाद दर्ज हुई थी
आजम खान के इस भडक़ाऊ और अमर्यादित वीडियो का दिल्ली में बैठे चुनाव आयोग ने तुरंत संज्ञान लिया और राज्य निर्वाचन आयोग से मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब कर ली। राज्य निर्वाचन आयोग के सख्त निर्देशों के बाद, तत्कालीन जिलाधिकारी के आदेश पर तत्कालीन एसडीएम टांडा और चमरौआ विधानसभा क्षेत्र के एआरओ घनश्याम त्रिपाठी की ओर से भोट थाने में आजम खान के खिलाफ आधिकारिक रूप से मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसके बाद पुलिस ने जांच पूरी कर अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी, जिसका ट्रायल एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रहा था।
सजा बढ़वाने की अपील और झूठे शपथ पत्र के मामले में भी फंसा पेंच
आजम खान और उनके परिवार की कानूनी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। एक अन्य मामले में आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को निचली अदालत से मिली सात साल की सजा को और बढ़वाने के लिए सरकार ने एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में अपील दायर की हुई है। इस पर शुक्रवार को बहस हुई, जो पूरी नहीं हो सकी और अब अगली सुनवाई 18 मई को होगी। दूसरी तरफ, स्वार के पूर्व विधायक और आजम के बेटे अब्दुल्ला आजम पर झूठा शपथ पत्र दाखिल करने के आरोप में भी शिकंजा कसता जा रहा है। गुरुवार को कोर्ट ने प्रशासन से अब्दुल्ला की उम्र से जुड़े सभी अहम दस्तावेज तलब कर लिए हैं और इस मामले में आगे की सुनवाई 12 जून को तय की गई है।

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