भोपाल, (ए.)। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के मंत्रियों का वास्तविक रिपोर्ट कार्ड अब बंद कमरों में होने वाली समीक्षा बैठकों से नहीं, बल्कि जनता के बढ़ते आक्रोश, विधायकों की नाराजगी और सरकार के भीतर उठ रहे सवालों से सामने आ रहा है।जीतू पटवारी ने कहा कि सरकार के भीतर ही कई मुद्दों को लेकर असंतोष दिखाई दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अलीराजपुर में शराब कारोबार और प्रशासनिक समन्वय को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं देश की पहली वॉटर प्लस सिटी कही जाने वाली इंदौर में लोग जलसंकट से परेशान हैं। उनका कहना है कि स्थिति ऐसी बन गई है कि भाजपा विधायक भी सार्वजनिक रूप से नाराजगी जता रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल विपक्ष के आरोप नहीं हैं, बल्कि सरकार के भीतर से सामने आ रही स्थितियां हैं। पटवारी ने कहा कि सरकार मंत्रियों की बैठकों, दौरों और संगठनात्मक गतिविधियों का आकलन कर रही है, जबकि जनता मूलभूत सुविधाओं और सुरक्षा से जुड़े सवालों के जवाब चाहती है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदेश में जलसंकट, बढ़ते अपराध और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सरकार प्रभावी ढंग से काम नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर लोग पानी जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार प्रचार और औपचारिक समीक्षाओं में व्यस्त दिखाई देती है।पीसीसी चीफ पटवारी ने कहा कि प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था कमजोर पड़ती नजर आ रही है और जनता का भरोसा सरकार से कम हो रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि यदि वास्तविक समीक्षा करनी है तो किसानों, महिलाओं, बेरोजगार युवाओं और आम नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता देकर उनकी बात सुनी जाए।








