लॉजिस्टिक्स सुगमता में दिल्ली अव्वल, सीएम रेखा गुप्ता बोलीं- राजधानी के लिए गर्व का क्षण

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पीएम गतिशक्ति से मेट्रो-कार्गो तक: दिल्ली बनी देश का आधुनिक लॉजिस्टिक्स हब
लॉजिस्टिक्स में नंबर-1 बनी दिल्ली, अब ग्रीन वेयरहाउसिंग और फ्रेट कॉरिडोर की तैयारी: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता
राजधानी को देश का सबसे आधुनिक और टिकाऊ लॉजिस्टिक्स हब बनाना हमारा संकल्प: सीएम रेखा गुप्ता
नई दिल्ली ,16 मई ,(आरएनएस)। दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने कहा कि विभिन्न राज्यों में लॉजिस्टिक्स की सुगमता  2025 इंडेक्स में राजधानी दिल्ली को देश की सर्वोच्च अनुकरणीय (इग्जेम्प्लर) श्रेणी में जगह मिली है। उन्होंने इसे दिल्ली के लिए गर्व का विषय कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि दिल्ली सरकार द्वारा लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी बढ़ाने, व्यापार सुगमता को बेहतर बनाने और टेक्नोलॉजी आधारित प्रशासन को बढ़ावा देने के निरंतर प्रयासों का परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि लीड्स इंडेक्स राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का मूल्यांकन लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स सेवाएं, नियामकीय व्यवस्था, डिजिटल इंटीग्रेशन, स्थिरता और हितधारकों की धारणा जैसे प्रमुख मानकों पर करता है। इस इंडेक्स में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को चार श्रेणियों, इग्जेम्प्लर, हाई परफॉर्मर, एक्सेलरेटर्स और ग्रोथ सीकर्स में रखा जाता है, जिनमें ‘इग्जेम्प्लर’ सबसे ऊंची श्रेणी है। दिल्ली ने लगातार प्रगति करते हुए लीड्स 2023 और 2024 में ‘अचीवर’ श्रेणी से आगे बढक़र इस वर्ष देश में सर्वोच्च स्थान हासिल किया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार ने प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत सिटी लॉजिस्टिक्स प्लान तैयार किया है, जिसे मंजूरी मिल चुकी है और जल्द ही अधिसूचित किया जाएगा। इससे शहरी माल परिवहन, अंतिम चरण की डिलीवरी व्यवस्था और शहरी फ्रेट मैनेजमेंट को अधिक व्यवस्थित बनाया जाएगा। पीएम गतिशक्ति पोर्टल पर 46 अनिवार्य लेयर्स में से 38 का सफल इंटीग्रेशन किया जा चुका है। साथ ही, 317 अतिरिक्त लेयर्स भी जोड़ी गई हैं। इससे विभिन्न विभागों के बीच समन्वित इंफ्रास्ट्रक्चर योजना और परियोजनाओं के क्रियान्वयन को मजबूती मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक निवेश से जुड़ी स्वीकृतियों एवं अनुमतियों की प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया गया है। वहीं, यूनिफाइड लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म (यूएलआईपी) के जरिए एपीआई आधारित रियल टाइम मॉनिटरिंग और डेटा एक्सचेंज की सुविधा विकसित की गई है, जिससे विभिन्न लॉजिस्टिक्स हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हुआ है। लोक निर्माण विभाग द्वारा चलाए गए पॉटहोल-फ्री रोड अभियान के तहत दिल्ली की मुख्य और आंतरिक सडक़ों में बड़े स्तर पर सुधार किया गया है। साथ ही, देश की पहली रिजनल रेपिड ट्रांजिट रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) नमो भारत कॉरिडोर के संचालन से दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के बीच यात्री और माल परिवहन कनेक्टिविटी मजबूत हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली मेट्रो के फेज-ढ्ढङ्क विस्तार, जिसमें द्वारका एक्सप्रेसवे लिंक भी शामिल है, से राजधानी में मल्टीमॉडल शहरी परिवहन को नई गति मिली है। साथ ही, अर्बन एक्सटेंशन रोड-ढ्ढढ्ढ (यूईआर-ढ्ढढ्ढ) और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे जैसे महत्वपूर्ण आर्थिक कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं, जिससे माल परिवहन और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिल रही है। डिजिटल सिस्टम और टेक्नोलॉजी आधारित गवर्नेंस के उपयोग में दिल्ली का प्रदर्शन राष्ट्रीय और केंद्र शासित प्रदेशों के औसत से बेहतर रहा है।
मुख्यमंत्री के अनुसार दिल्ली सरकार वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स पॉलिसी 2025 को अंतिम रूप दे रही है। इस नीति का उद्देश्य माल ढुलाई में भीड़भाड़ कम करना, नियामकीय जटिलताओं को दूर करना और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों को समाप्त करना है। इसके साथ ही दिल्ली सरकार की ईवी पॉलिसी और इलेक्ट्रिक फ्लीट विस्तार योजना के तहत वर्ष 2024-25 में 2,808 ई-बसों की खरीद का लक्ष्य रखा गया है तथा 2025 तक 10,000 से अधिक बसों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिनमें लगभग 80 प्रतिशत बसें इलेक्ट्रिक होंगी। ईवी अपनाने और सार्वजनिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में दिल्ली का प्रदर्शन अन्य केंद्र शासित प्रदेशों से बेहतर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सोलर पॉलिसी के माध्यम से लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग ढांचे में नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं डीटीसी और देवी बस सेवा के विस्तार से सार्वजनिक परिवहन को मजबूत कर सडक़ यातायात और माल परिवहन दबाव को कम करने का प्रयास किया जा रहा है। दिल्ली औद्योगिक नीति के जरिए लॉजिस्टिक्स निवेश और रोजगार सृजन के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा वर्ष 2025 में डीएमआरसी मेट्रो-कार्गो पायलट प्रोजेक्ट के तहत ब्लू डार्ट के साथ साझेदारी कर नॉन-पीक घंटों में मेट्रो के जरिए पार्सल परिवहन शुरू किया गया है, जिससे सडक़ों पर निर्भरता कम होगी और रोड कॉरिडोर पर दबाव घटेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार कुशल मानव संसाधन निर्माण पर विशेष ध्यान दे रही है। दिल्ली खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड (डीकेवीआईबी) की नीतियों के माध्यम से सूक्ष्म एवं कारीगर आधारित उद्योगों को लॉजिस्टिक्स नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। वहीं दिल्ली कौशल एवं उद्यमिता विश्वविद्यालय (डीएसईयू), आईआरआईएलएमएम और ट्रांसग्लोब एकेडमी जैसे संस्थानों के जरिए लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में प्रशिक्षण और कौशल विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। कुशल मानव संसाधन उपलब्धता के मामले में भी दिल्ली का प्रदर्शन केंद्र शासित प्रदेशों के औसत से बेहतर रहा है, जिससे राजधानी देश के प्रमुख लॉजिस्टिक्स ह्यूमन कैपिटल हब के रूप में उभर रही है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि लीड्स 2025 में दिल्ली ने लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स सेवाएं, संचालन एवं नियामकीय व्यवस्था तथा स्थिरता एवं समानता जैसे सभी प्रमुख मानकों पर राष्ट्रीय और यूटी औसत से बेहतर प्रदर्शन किया है। सडक़, रेल, एयरपोर्ट, डिजिटल सिस्टम, वेयरहाउसिंग और कोल्ड स्टोरेज जैसे क्षेत्रों में दिल्ली को मजबूत अंक प्राप्त हुए हैं। परिवहन सेवाएं, टर्मिनल सेवाएं और कुशल मानव संसाधन के मामले में भी दिल्ली का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से बेहतर रहा है। साथ ही, अंतरराज्यीय माल परिवहन सुगमता और नीति सुधारों में भी दिल्ली ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। हालांकि शिकायत निवारण व्यवस्था को और मजबूत बनाने की आवश्यकता को भी चिन्हित किया गया है, जिस पर सरकार गंभीरता से कार्य करेगी।
उन्होंने कहा कि ग्रीन वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना दिल्ली सरकार की आगामी प्राथमिकताओं में शामिल है। दिल्ली सरकार अब राजधानी में संगठित ट्रांसपोर्ट हब विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है, जिससे अनियंत्रित सडक़ किनारे लोडिंग को कम किया जा सके और माल परिवहन व्यवस्था अधिक व्यवस्थित बने। दिल्ली सरकार मेट्रो रेल नेटवर्क का उपयोग रात और नॉन-पीक घंटों में हल्के माल परिवहन के लिए बढ़ाने पर काम कर रही है ताकि सडक़ कॉरिडोर पर दबाव कम हो सके। साथ ही, व्यस्त सडक़ों पर वाणिज्यिक और यात्री यातायात को अलग करने के लिए समर्पित फ्रेट कॉरिडोर विकसित करने की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि एयर कार्गो टर्मिनलों में मैकेनाइजेशन, ऑटोमेशन और डिजिटल इंटीग्रेशन को बढ़ावा देकर उत्पादकता और दक्षता में सुधार किया जाएगा। इसके अलावा मेट्रो और आरआरटीएस स्टेशनों से जुड़े मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब विकसित किए जाएंगे, जहां प्रथम और अंतिम चरण की कनेक्टिविटी के लिए इलेक्ट्रिक बस फीडर सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। दिल्ली सरकार राजधानी को देश का सबसे आधुनिक, टिकाऊ, कुशल और भविष्य उन्मुख लॉजिस्टिक्स एवं कनेक्टिविटी हब बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

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