चीन की 2 दिवसीय यात्रा पर पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके समकक्ष शी जिनपिंग की कई मुद्दों पर द्विपक्षीय बातचीत हुई। राष्ट्रपति ट्रंप ने गुरुवार को सोशल मीडिया ट्रुथ पर दावा किया कि शी ने बातचीत के दौरान अमेरिका को गिरता हुआ राष्ट्र कहा था, जिसे ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन से जोड़ा है। हालांकि, ट्रंप ने यह नहीं बताया कि शी ने यह बात उनसे व्यक्तिगत तौर पर कही या किसी सार्वजनिक जगह पर।
ट्रंप ने ट्रुथ पर लिखा, राष्ट्रपति शी ने बहुत शालीनता से अमेरिका को शायद एक पतनशील राष्ट्र कहा, तो उनका इशारा उस भारी नुकसान की ओर था जो हमें सुस्त जो बाइडन और बाइडेन प्रशासन के 4 सालों के दौरान उठाना पड़ा और इस मामले में, वे 100 प्रतिशत सही थे। ट्रंप ने लिखा कि अमेरिका को बाइडन के समय खुली सीमाओं, बड़े टैक्स, ट्रांसजेंडर अधिकार, खेल धोखाधड़ी, व्यापारिक सौदे, अपराध समेत कई वजह से बेहिसाब नुकसान झेलना पड़ा है।
ट्रंप ने दावा किया कि शी का इशारा उस जबरदस्त तरक्की की ओर बिल्कुल नहीं था, जो अमेरिका ने उनके 16 महीनों के शानदार शासन में दुनिया को दिखाया है। ट्रंप ने लिखा, सच कहूं तो 2 साल पहले, हम वाकई एक पतनशील राष्ट्र थे। इस बात पर मैं शी से पूरा सहमत हूं! लेकिन अब, अमेरिका दुनिया में सबसे तेजी से उभरता और लोकप्रिय राष्ट्र है। उन्होंने लिखा कि शी ने उनको कामयाबियों के लिए बधाई भी दी है।
राष्ट्रपति शी ने सार्वजनिक तौर पर अमेरिका को गिरता हुआ राष्ट्र कहा, इस बात की अभी तक किसी मीडिया में पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, पहले दिन, बीजिंग में प्रारंभिक भाषण के दौरान जिनपिंग ने थ्यूसीडाइड्स ट्रैप में फंसने के प्रति आगाह जरूर किया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, एथेंस-स्पार्टा युद्ध लिखने वाले प्राचीन यूनानी इतिहासकार थ्यूसीडाइड्स का यह राजनीतिक शब्द है, जिसे अमेरिकी विद्वान ग्राहम एलिसन ने लोकप्रिय बनाया और इसका इस्तेमाल अमेरिका-चीन संबंधों के वर्णन में होता है।
यह शब्द ऐसी स्थिति बताता है, जिसमें एक स्थापित देश (अमेरिका) एक उभरती शक्ति (चीन) के उदय से चिंतित होता है। इसलिए शी ने थ्यूसीडाइड्स-ट्रैप से उबरने की बात कहकर ट्रंप से चीनी उदय से डरने के बजाय साझेदार बनने की अपील कर रहे थे।








