क्रूज जहाज पर फैला हंटावायरस, 2 भारतीय क्वारंटीन

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 दहशत के बीच भारत में हाई अलर्ट और 165 लैब एक्टिव
नई दिल्ली (ए.)। एमवी होडियंस क्रूज जहाज पर खतरनाक हंटावायरसके आउटब्रेक और इससे हुई मौतों के बाद दुनियाभर में दहशत का माहौल है। इस जानलेवा खतरे को देखते हुए कई देश अलर्ट मोड पर आ गए हैं। इस क्रूज पर भारतीय नागरिकों के सवार होने के चलते भारत सरकार ने भी एहतियात के तौर पर अपनी हाई-लेवल बायोसर्विलांस प्रणाली को तुरंत प्रभाव से एक्टिव कर दिया है, ताकि यह खतरनाक वायरस देश में एंट्री न कर सके। स्पेन में स्थित भारतीय दूतावास ने पुष्टि की है कि जहाज पर मौजूद दो भारतीय नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत नीदरलैंड्स भेजकर क्वारंटीन कर दिया गया है।
45 दिनों तक कड़ी निगरानी में रहेंगे दोनों भारतीय
राहत की बात यह है कि फिलहाल नीदरलैंड्स में क्वारंटीन किए गए दोनों भारतीय नागरिकों में इस वायरस के कोई लक्षण नजर नहीं आए हैं। हालांकि, संक्रमण के खतरे को पूरी तरह से टालने के लिए उन्हें पूरे 45 दिनों तक कड़ी मेडिकल निगरानी में रखा जाएगा। हंटावायरस मुख्य रूप से संक्रमित चूहों के मल-मूत्र के सीधे संपर्क में आने से इंसानों में फैलता है। आमतौर पर इसका इंसानों से इंसानों में ट्रांसमिशन नहीं होता है, लेकिन वैज्ञानिकों की सबसे बड़ी चिंता इसके ‘एंडीज स्ट्रेन’   को लेकर है। यह घातक स्ट्रेन एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलने की क्षमता रखता है। इसी गंभीर खतरे को भांपते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (ङ्ख॥ह्र) ने दुनिया भर के कई देशों को अलर्ट जारी किया है।

भारत में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च   भी इस वायरस की हर हलचल पर पैनी नजर रखे हुए है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आईसीएमआर ने देशभर में मौजूद अपने 165 वायरस रिसर्च और डायग्नोस्टिक लैब्स को पूरी तरह से एक्टिव कर दिया है। इन लैब्स में हंटावायरस के संदिग्ध मरीजों के सैंपलों की तुरंत जांच की जा सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने यह बड़ा कदम इसलिए उठाया है ताकि विदेश से आने वाले किसी भी यात्री में अगर वायरस के लक्षण दिखें, तो उसकी जांच में बिल्कुल देरी न हो और समय रहते उसे निगरानी में रखकर सही इलाज दिया जा सके।कोरोना महामारी की तर्ज पर ही हंटावायरस का पता लगाने के लिए भी स्वास्थ्य विभाग आरटी-पीसीआर (क्रञ्ज-क्कष्टक्र) टेस्ट का ही सहारा लेगा। इस प्रक्रिया में मरीज के सैंपल से वायरल आरएनए निकालकर उसे डीएनए में बदला जाता है, जिससे मशीन रियल टाइम में वायरस की सटीक मौजूदगी पकड़ लेती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक तेज बुखार, मांसपेशियों में भयंकर दर्द, सिरदर्द, पेट में दर्द और उल्टी या मतली आना इस खतरनाक हंटावायरस के प्रमुख लक्षण हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि एंडीज स्ट्रेन के ह्यूमन-टू-ह्यूमन ट्रांसमिशन के खतरे को देखते हुए भारत का अलर्ट पर रहना बेहद जरूरी है। भले ही देश में अभी इसका कोई मामला नहीं है, लेकिन एहतियात के तौर पर विदेशों से आने वाले यात्रियों में जरा भी लक्षण दिखने पर एयरपोर्ट पर ही उनकी कड़ी स्क्रीनिंग शुरू की जा सकती है।

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