नई दिल्ली (ए.)। ग्रेट निकोबार द्वीप के जंगलों के दौरे के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि वहां के पेड़ याद से भी पुराने हैं। उन्होंने आगे कहा कि ये जंगल पीढिय़ों से पोषित हुए हैं और द्वीप पर रहने वाले सुंदर लोगों को उनका हक छीना जा रहा है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को नई दिल्ली की ग्रेट निकोबार में चल रही 81,000 करोड़ रुपये की सबसे महत्वाकांक्षी रणनीतिक अवसंरचना परियोजना पर निशाना साधते हुए इसे हमारे जीवनकाल में देश की प्राकृतिक और आदिवासी विरासत के खिलाफ सबसे बड़े घोटालों और सबसे जघन्य अपराधों में से एक बताया। कांग्रेस नेता, जो वर्तमान में द्वीप का दौरा कर रहे हैं, ने कहा कि केंद्र की यह महत्वाकांक्षी परियोजना विकास की आड़ में विनाश के अलावा कुछ नहीं है। राहुल ने एक्स पर लिखा कि सरकार इसे परियोजना कहती है। मैंने जो देखा है, वह कोई परियोजना नहीं है। यह लाखों पेड़ों को काटने के लिए चिह्नित किया गया है। यह 160 वर्ग किलोमीटर का वर्षावन है जिसे नष्ट होने के लिए अभिशप्त किया गया है। यह उन समुदायों को नजरअंदाज किया गया है जिनके घर छीन लिए गए हैं। ग्रेट निकोबार द्वीप के जंगलों के दौरे के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि वहां के पेड़ याद से भी पुराने हैं। उन्होंने आगे कहा कि ये जंगल पीढिय़ों से पोषित हुए हैं और द्वीप पर रहने वाले सुंदर लोगों को उनका हक छीना जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार इसे ‘परियोजना’ कहती है। मैंने जो देखा है, वह कोई परियोजना नहीं है।








