बैडमिंटन के नियमों में बड़ा बदलाव, अगले साल से नया स्कोरिंग सिस्टम होगा लागू

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बैडमिंटन के इतिहास का सबसे बड़ा बदलाव होने वाला है. बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन ने नए स्कोरिंग सिस्टम को मंजूरी दे दी है. जिसके अनुसार अब मैच का नतीजा 21 पॉइंट्स के बजाय 15 पॉइंट्स के तीन गेम में निकलेगा.
बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन ने डेनमार्क के हॉर्सेंस में अपनी सालाना आम बैठक में आधिकारिक तौर पर नए स्कोरिंग सिस्टम 3&15 को अपना लिया. इस के फेवर में दो-तिहाई से ज्यादा वोट डाले गए.
इस फैसले का मतलब है कि 3&21 पॉइंट्स फॉर्मेट का पुराना स्कोरिंग सिस्टम, जो लगभग दो दशकों से चला आ रहा था, अब बदल जाएगा. नए सिस्टम में, मैच 21 पॉइंट्स के बजाय 15 पॉइंट्स के तीन गेम के तौर पर खेले जाएंगे.
बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन ने इस फैसले के पीछे यह तर्क दिया है कि यह छोटा फॉर्मेट मैच के शेड्यूल को बेहतर बनाएगा, ज्यादा रोमांचक और दबाव वाले पल पैदा करेगा, और खिलाडिय़ों की भलाई में मदद करेगा.
बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन की प्रेसिडेंट खुनयिंग पटामा लीस्वाडत्राकुल ने कहा कि यह फैसला बैडमिंटन के भविष्य के लिए एक अहम मील का पत्थर है. लीस्वाडत्राकुल ने कहा, हम एक ऐसा खेल तैयार कर रहे हैं जो अगली पीढ़ी से जुड़ा हो, और साथ ही हम अपने खिलाडिय़ों के लंबे समय के भविष्य में भी निवेश करते रहेंगे.
उन्होंने ये भी कहा, 3&15 स्कोरिंग सिस्टम का मकसद बैडमिंटन को और भी ज्यादा रोमांचक और प्रतिस्पर्धी बनाना, शेड्यूल को बेहतर करना, मैच की अवधि को ज्यादा एक जैसा रखना, और खिलाडिय़ों की भलाई और रिकवरी के लिए संभावित फायदे पहुंचाना है.
उन्होंने आगे कहा, हम जानते हैं कि बदलाव से चिंताएं पैदा हो सकती हैं, खासकर ऐसे खेल में जिसकी परंपराएं इतनी मजबूत हैं. लेकिन यह फैसला बैडमिंटन के मूल स्वरूप को नहीं बदलता है. खेल का कौशल, उसकी रणनीतियां, शारीरिक और मानसिक चुनौतियां, और उसका रोमांच सब कुछ वैसा ही रहेगा.

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