शादी की खुशियां मातम में बदलीं, दो ट्रकों के बीच पिसी कार, एक ही परिवार के 6 लोगों की दर्दनाक मौत

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झारखंड के हजारीबाग जिले स्थित चौपारण की दनुआ घाटी में एक रूह कंपा देने वाले सडक़ हादसे में एक ही परिवार के छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। बीसीसीएल के गोविंदपुर क्षेत्र अंतर्गत महेशपुर कोलियरी में लाइनमैन के पद पर कार्यरत शिव कुमार भुइयां अपने परिवार के साथ कार से गयाजी के आमस में एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान उनकी कार काल का ग्रास बन गई। यह हादसा इतना भीषण था कि कार पूरी तरह से मलबे के ढेर में तब्दील हो गई और कार सवार किसी भी व्यक्ति को बचने का मौका नहीं मिला।
आगे ट्रेलर और पीछे से ट्रक ने मारी जोरदार टक्कर
यह दर्दनाक हादसा चौपारण की दनुआ घाटी के जोडऱाही पुल के पास हुआ। शिव कुमार की धनबाद नंबर प्लेट वाली कार अचानक आगे चल रहे एक ट्रेलर के पिछले हिस्से में जा घुसी। इससे पहले कि कार सवार लोग कुछ समझ पाते, पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने कार को जोरदार टक्कर मार दी। दो भारी वाहनों के बीच दबने से कार के परखच्चे उड़ गए। घटना के बाद ट्रक और ट्रेलर के चालक मौके से फरार हो गए। सूचना मिलने पर चौपारण पुलिस और एनएचएआई की बचाव टीम मौके पर पहुंची। धनबाद नंबर की कार होने के कारण पुलिस ने वहां संपर्क किया, जिसके बाद मृतकों की पहचान हो सकी।
गैस कटर से काटकर निकाले गए क्षत-विक्षत शव
हादसे का मंजर इतना खौफनाक था कि कार में फंसे शवों को निकालने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय लोगों की मदद से गैस कटर और अन्य उपकरणों का इस्तेमाल कर शवों को बाहर निकाला गया। मृतकों की पहचान शिव कुमार भुइयां (45), उनकी पत्नी रूबी देवी (38), बड़ी बेटी सोनी (12), छोटी बेटी सुहानी (9), साले का बेटा प्रेम (7) और शिव कुमार के ससुर के रूप में हुई है। शवों की स्थिति इतनी बुरी थी कि उन्हें देखकर पत्थर दिल इंसान की आंखें भी छलक उठें। घुप अंधेरे और खतरनाक मोड़ों के कारण हुए इस हादसे में मासूम बच्चों के शव तक पहचान में नहीं आ रहे थे। गौरतलब है कि दनुआ घाटी क्षेत्र अब राहगीरों के लिए मौत का पर्याय बन चुका है, जहां पिछले चार दिनों में यह लगातार पांचवीं बड़ी दुर्घटना है।
घर में अकेला रह गया बेटा, कॉलोनी में पसरा सन्नाटा
इस खौफनाक हादसे ने पूरे परिवार को खत्म कर दिया है और अब परिवार में केवल शिव कुमार का इकलौता बेटा रंजीत कुमार ही बचा है। जानकारी के मुताबिक, शिव कुमार दोपहर करीब 12 बजे परिवार के साथ गयाजी के लिए निकले थे, लेकिन बेटा रंजीत बुदौरा स्थित आवास पर ही रुक गया था। रात करीब आठ बजे जब बुदौरा कॉलोनी में इस हादसे की मनहूस खबर पहुंची, तो पूरे इलाके में हडक़ंप मच गया और शोक की लहर दौड़ गई। पड़ोसियों ने फिलहाल रंजीत को केवल दुर्घटना होने की बात बताई है, क्योंकि कोई भी समझ नहीं पा रहा है कि उस बेटे को उसके पूरे परिवार के छिन जाने की खौफनाक सच्चाई कैसे बताई जाए।

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