झारखंड के गिरिडीह जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां गोलगप्पे खाने से पूरा गांव बीमार पड़ गया। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बजटो गांव में शनिवार शाम ठेले वाले से गोलगप्पे खाने के बाद 36 से अधिक लोगों को फूड प्वाइजनिंग हो गई। इस घटना में 6 साल के एक मासूम बच्चे की इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि दर्जनों बच्चों और महिलाओं की हालत गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत और मातम का माहौल है।
शाम को खाए गोलगप्पे, सुबह होते ही बिगडऩे लगी तबीयत
ग्रामीणों के अनुसार, शनिवार शाम एक ठेलेवाला बजटो गांव में घूम-घूमकर गोलगप्पे बेच रहा था। गांव के कई बच्चों, महिलाओं और पुरुषों ने उससे गोलगप्पे खाए थे। रात में कुछ लोगों को हल्की बेचैनी और पेट दर्द महसूस हुआ, लेकिन रविवार सुबह होते-होते स्थिति बेकाबू हो गई। जिन-जिन लोगों ने गोलगप्पे खाए थे, उन सभी को तेज बुखार, पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। देखते ही देखते पूरे गांव में हाहाकार मच गया।
इलाज के दौरान 6 साल के मासूम ने तोड़ा दम
हालात बिगड़ते देख ग्रामीणों ने आनन-फानन में सभी मरीजों को गिरिडीह के सदर अस्पताल पहुंचाना शुरू किया। अस्पताल में इलाज के दौरान 5 वर्षीय रंजन कुमार की मौत हो गई। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों में ज्यादातर बच्चे शामिल हैं, जिनमें 12 वर्षीय दिवाकर, 10 वर्षीय अनुराधा, 11 वर्षीय रिया, 8 वर्षीय रानी समेत कई अन्य बच्चे और महिलाएं जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहे हैं। डॉक्टरों की एक विशेष टीम लगातार इन मरीजों की निगरानी कर रही है।
प्रशासन अलर्ट, फरार ठेलेवाले की तलाश में जुटी पुलिस
एक साथ इतने लोगों के बीमार होने और बच्चे की मौत की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हडक़ंप मच गया। उपायुक्त रामनिवास यादव, सदर एसडीएम और सिविल सर्जन समेत कई आला अधिकारी तुरंत सदर अस्पताल पहुंचे और मरीजों के इलाज की व्यवस्था का जायजा लिया। सिविल सर्जन डॉ. बच्चा प्रसाद सिंह ने बताया कि यह साफ तौर पर फूड प्वाइजनिंग का मामला है। फिलहाल अस्पताल में भर्ती अन्य सभी मरीजों की स्थिति सामान्य बताई जा रही है। वहीं, पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पालमो निवासी उस ठेलेवाले की तलाश शुरू कर दी है, जिसने गांव में गोलगप्पे बेचे थे।








