25 लाख की नौकरी ठुकरा कर चलाने लगा कैब, सुने रिश्तेदारों के ताने; आज हर महीने 6.5 लाख छाप रहा युवक

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आज के दौर में युवाओं के लिए सफलता के मायने तेजी से बदल रहे हैं। पहले जहां लाखों का पैकेज और बड़ी कंपनियों का नाम ही करियर का अंतिम लक्ष्य हुआ करता था, वहीं अब नई पीढ़ी अपने काम में आजादी, मानसिक शांति और संतुष्टि को ज्यादा अहमियत दे रही है। इसी बदलती सोच का एक बेहतरीन उदाहरण इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर असली सफलता है क्या। एक एमबीए ग्रेजुएट ने 25 लाख रुपये सालाना के पैकेज वाली कॉर्पोरेट नौकरी को लात मारकर कैब ड्राइवर बनने का फैसला किया। शुरुआत में घरवालों से लेकर रिश्तेदारों तक ने उसे खूब ताने दिए, लेकिन आज उसकी सफलता देखकर हर किसी की बोलती बंद हो गई है।
25 लाख का ड्रीम जॉब क्यों नहीं दे पाया सुकून?
सोशल मीडिया पर वायरल इस कहानी के मुताबिक, एक टियर-2 कॉलेज से एमबीए करने वाले युवक को 25 लाख रुपये सालाना (रुक्क्र) का शानदार पैकेज मिला था। किसी भी आम छात्र के लिए यह एक ‘ड्रीम जॉब’ होती है, जिससे उसका पूरा भविष्य सुरक्षित हो सकता था। लेकिन इस युवक का अनुभव कुछ और ही रहा। ऑफिस में बिताए जाने वाले लंबे घंटे, लगातार काम का भारी दबाव और निजी जिंदगी के लिए समय का न होना उसे अंदर ही अंदर परेशान कर रहा था। वह भारी मन से मजबूरी में काम कर रहा था, लेकिन उसे अपने काम से कोई खुशी या संतुष्टि नहीं मिल रही थी। आखिरकार, अपनी मेंटल पीस के लिए उसने काफी सोच-विचार के बाद एक बेहद जोखिम भरा कदम उठाते हुए अपनी हाई-पेइंग जॉब से इस्तीफा दे दिया।
कैब चलाने पर सुने रिश्तेदारों के ताने, लेकिन नहीं मानी हार
इतनी बड़ी सैलरी वाली सुरक्षित नौकरी छोडऩा किसी के लिए भी आसान नहीं होता। जब इस युवक ने नौकरी छोडऩे के बाद ओला (ह्रद्यड्ड) कैब चलाने का फैसला किया, तो उसके परिवार, रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों ने उसका खूब मजाक उड़ाया। हर तरफ से उसे ताने सुनने को मिले, लेकिन उसने किसी की परवाह नहीं की और अपना पूरा फोकस सिर्फ अपने काम पर रखा। शुरुआत में आमदनी कुछ खास नहीं थी और रास्ता मुश्किल लग रहा था, लेकिन उसने हार मानने के बजाय लगातार मेहनत की। उसने अपने काम के तरीके में सुधार किया और छोटी-सी कमाई से ही बचत करना शुरू कर दिया।
3 साल की मेहनत लाई रंग, आज 12 गाडिय़ों का है मालिक
कैब चलाते-चलाते उसने जल्द ही बिजनेस के नजरिए से सोचना शुरू कर दिया। कुछ समय की बचत के बाद उसने अपनी पहली कार खरीदी और फिर दूसरी। उसने सिर्फ खुद ड्राइविंग करने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि गाडिय़ों की संख्या बढ़ाकर अन्य लोगों को नौकरी पर रखना शुरू कर दिया। इस तरह उसका यह काम एक छोटे स्तर से बढक़र एक बेहतरीन ट्रांसपोर्ट बिजनेस में तब्दील हो गया। महज 3 साल की कड़ी मेहनत ने उसकी पूरी जिंदगी बदल कर रख दी। आज वह सिर्फ एक ड्राइवर नहीं, बल्कि एक सफल बिजनेसमैन बन चुका है। वर्तमान में उसके पास 12 गाडिय़ां हैं जिन्हें वह खुद मैनेज करता है। अपनी मेहनत और लगन के दम पर आज वह हर महीने लगभग 6.5 लाख रुपये की शानदार कमाई कर रहा है। जो फैसला लोगों को शुरुआत में मूर्खतापूर्ण लग रहा था, आज वही उसकी सबसे बड़ी कामयाबी की राह बन गया।

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