केंद्रीय जांच ब्यूरो (ष्टक्चढ्ढ) ने उद्योगपति अनिल अंबानी के मालिकाना हक वाली कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (क्रष्टशद्व) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (स्क्चढ्ढ) की शिकायत पर दर्ज किए गए धोखाधड़ी के एक मामले में सीबीआई ने कंपनी के दो वरिष्ठ अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए अधिकारियों की पहचान डी. विश्वनाथ और अनिल काल्या के रूप में हुई है। एसबीआई का आरोप है कि कंपनी ने क्रेडिट सुविधाओं के नाम पर लिए गए फंड का गलत इस्तेमाल किया, जिससे अकेले एसबीआई को 2929.05 करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
शेल कंपनियों के जरिए हुआ भारी-भरकम हेरफेर
एसबीआई द्वारा दी गई शिकायत के मुताबिक, इस बड़े फर्जीवाड़े के कारण कुल 17 बैंकों के कंसोर्टियम को लगभग 19,694.33 करोड़ रुपये की भारी चपत लगी है। जांच एजेंसी की अब तक की तफ्तीश में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि रिलायंस कम्युनिकेशंस के कई अधिकारियों ने मिलकर अलग-अलग शेल (फर्जी) कंपनियां बना रखी थीं। बैंकों से जो भी भारी-भरकम रकम लोन के रूप में ली गई, उसे सर्विस से जुड़े फर्जी लेनदेन का नाम देकर बड़ी ही चालाकी से इन शेल कंपनियों के खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। इसी तरह से बैंकों से लिए गए फंड को डायवर्ट करके इस बड़े वित्तीय घोटाले को अंजाम दिया गया।
कॉरपोरेट फाइनेंस का जिम्मा संभालते थे गिरफ्तार अधिकारी
सीबीआई जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए डी. विश्वनाथ रिलायंस कम्युनिकेशंस में बैंकिंग ऑपरेशंस के जॉइंट प्रेसिडेंट के पद पर तैनात थे। एजेंसी का आरोप है कि उनके ही सीधे निर्देशों पर बैंकों से लिए गए पैसों का बेजा इस्तेमाल किया गया। वे लगातार बैंकों के संपर्क में थे और उन्हीं के जरिए कंपनी के खातों में लोन की रकम डिस्बर्स कराई गई थी। इस पूरे गोरखधंधे में अनिल काल्या ने भी उनका पूरा साथ दिया। ये दोनों अधिकारी मिलकर ही कंपनी के कॉरपोरेट फाइनेंस, पेमेंट्स और बैंकिंग ऑपरेशंस का पूरा काम संभालते थे। फिलहाल सीबीआई इन दोनों को अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए रिमांड मांगने की तैयारी कर रही है।
पहले भी दर्ज हो चुके हैं कई मामले, अंबानी से भी हुई पूछताछ
यह रिलायंस कम्युनिकेशंस के खिलाफ कोई पहला मामला नहीं है। पिछले कुछ ही महीनों के भीतर सीबीआई ने सरकारी बैंकों और भारतीय जीवन बीमा निगम (रुढ्ढष्ट) की शिकायतों के आधार पर अनिल अंबानी की इस कंपनी के खिलाफ 7 अलग-अलग केस दर्ज किए हैं। इन सभी मामलों में कंपनी पर बिजनेस के संचालन के लिए हजारों करोड़ रुपये का कर्ज लेकर उसे शेल कंपनियों में डायवर्ट करने का गंभीर आरोप है। इस बड़े वित्तीय घोटाले की जांच के सिलसिले में सीबीआई खुद अनिल अंबानी को भी तलब कर उनसे व्यक्तिगत रूप से पूछताछ कर चुकी है।








