संकल्प से समाधान अभियान’ से त्वरित, प्रभावी और पारदर्शी निराकरण हुआ सुनिश्चित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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भोपाल (ए.)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ‘संकल्प से समाधान अभियान’ से प्रदेश में नागरिकों की शिकायतों और आवेदनों का त्वरित, प्रभावी और पारदर्शी निराकरण सुनिश्चित किया गया है। यह अभियान सुशासन को सुदृढ़ करने और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ है। अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ग्राम एवं वार्ड स्तर पर टीमों का गठन कर घर-घर जाकर आवेदन संग्रह किए गए और शिविर लगाकर आवेदनों का त्वरित समाधान किया गया। साथ ही पोर्टल आधारित एंट्री और ट्रैकिंग की गयी। निराकरण की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सीएम हेल्पलाइन पर विशेष डैशबोर्ड के माध्यम से सतत मॉनिटरिंग भी की गई।
47.68 लाख आवेदनों का हुआ समयबद्ध निराकरण
अभियान की कुल अवधि 12 जनवरी से 31 मार्च के दौरान राज्य स्तर पर कुल 47.69 लाख आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 47.68 लाख प्रकरणों का समाधान करते हुए 99.9 प्रतिशत आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया।
चार चरणों में संचालित हुआ अभियान
अभियान को चरणबद्ध रूप से प्रदेश में लागू किया गया। प्रथम चरण में 12 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक ग्राम एवं वार्ड स्तर पर आवेदन संग्रहण किया गया। द्वितीय चरण में 16 फरवरी से 16 मार्च 2026 तक ग्राम पंचायत एवं वार्ड स्तर पर शिविरों का आयोजन कर प्राप्त आवेदनों का त्वरित निराकरण किया गया। तृतीय चरण में 16 मार्च से 26 मार्च 2026 तक ब्लॉक स्तर पर शिविर आयोजित कर शेष एवं नवीन आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित किया गया। चतुर्थ एवं अंतिम चरण में 26 मार्च से 31 मार्च 2026 तक जिला स्तर पर शिविर आयोजित कर सभी लंबित प्रकरणों का निराकरण किया गया तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। अभियान में कुल 3 हजार 659 शिविर आयोजित किए गए।
विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में सेवा वितरण को मिली नई गति
चालू खसरा एवं खतौनी की प्रतिलिपि के लिए सर्वाधिक 8.71 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 8.69 लाख से अधिक का सफल निराकरण किया गया। आयुष्मान भारत योजना में 5.77 लाख से अधिक प्राप्त आवेदनों में से 5.62 लाख से अधिक का निराकरण किया गया। चालू नक्शा प्रतिलिपि के लिए प्राप्त 4.09 लाख से अधिक आवेदनों में से 4.08 लाख से अधिक का निराकरण सुनिश्चित किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में भवन निर्माण अनुज्ञा के लिए प्राप्त 3.64 लाख से अधिक आवेदनों में से 3.59 लाख से अधिक का निराकरण किया गया। निर्माण श्रमिकों के पंजीयन से संबंधित 2.31 लाख से अधिक आवेदनों में से 2.18 लाख से अधिक का निराकरण किया गया। नो-ड्यूज प्रमाण पत्र जारी करने के लिए प्राप्त 1.88 लाख से अधिक आवेदनों में से 1.87 लाख से अधिक का निराकरण किया गया। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना में 1.63 लाख से अधिक आवेदनों में से 1.52 लाख से अधिक का निराकरण सुनिश्चित किया गया। किसान क्रेडिट कार्ड के प्राप्त 1.50 लाख से अधिक आवेदनों में से 1.48 लाख से अधिक का निराकरण किया गया।

 

 

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