महिलाएं एक केंद्रीय शक्ति, जो हमारी राष्ट्रीय स्तर की कल्पना और हमारे राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में एक प्रेरक शक्ति है : राहुल गांधी

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नई दिल्ली (ए.)। लोकसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) राहुल गांधी ने शुक्रवार को संसद के चल रहे विशेष सत्र के दौरान चल रही तीखी बहस के बीच हल्के-फुल्के अंदाज में बात की। यह सत्र तीन विधेयकों पर विचार-विमर्श और मतदान के लिए बुलाया गया है, जिनका उद्देश्य 2029 में विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण को जल्द से जल्द लागू करना सुनिश्चित करना है। लोकसभा में बोलते हुए, कांग्रेस सांसद ने स्वीकार किया कि लगभग हर किसी के जीवन में एक महिला का महत्वपूर्ण प्रभाव रहा है, चाहे वह मां, बहन या पत्नी के रूप में हो। राहुल गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत में कहा कि महिलाएं एक केंद्रीय शक्ति होती हैं, जो हमारी राष्ट्रीय स्तर की कल्पना और हमारे राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में एक प्रेरक शक्ति हैं। हम सभी अपने जीवन में महिलाओं, माताओं, बहनों और पत्नियों से बहुत प्रभावित हुए हैं, उनसे बहुत कुछ सीखा है। इसी दौरान उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू की एक टिप्पणी का उल्लेख करते हुए कहा कि रीजीजू जी ने कहा है, लेकिन न तो मेरे पास और न ही प्रधानमंत्री के पास पत्नी वाला मसला है, इसलिए हमें उस नजरिए से प्रतिक्रिया नहीं मिलती है। लेकिन हमारी मां और बहन हैं। दरअसल, नेता प्रतिपक्ष के भाषण से पहले संसदीय कार्य मंत्री ने एक अलग संदर्भ में मजाकिया लहजे में कहा था कि कानून मंत्री (अर्जुन राम मेघवाल) ने कल सदन में पत्नी को समर्पित कविता पढ़ी, जिसके बाद मुझे घर में बहुत डांट पड़ी। राहुल गांधी ने अपनी बहन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा के बृहस्पतिवार के भाषण का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी बहन ने गृह मंत्री अमित शाह को मुस्कराने के लिए विवश कर दिया, जबकि वह खुद 20 साल में ऐसा नहीं कर पाए।

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