बिल में एलपीजी या ईंधन शुल्क जोडऩे वाले रेस्तरां पर होगी कार्रवाई, सीसीपीए ने जारी की चेतावनी

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नई दिल्ली,(आरएनएस)। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने बुधवार को होटल और रेस्तरां चलाने वालों को सख्त चेतावनी दी है कि वे ग्राहकों से एलपीजी चार्ज और ईंधन के खर्च की वसूली न करें। सीसीपीए ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत इन शुल्कों को अनुचित व्यापार व्यवहार करार देते हुए साफ किया मेन्यू में दर्ज कीमत के ऊपर केवल लागू कर ही जोड़े जा सकते हैं।सरकार का यह कदम नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर मिली लगातार शिकायतों और मीडिया रिपोर्ट्स के बाद उठाया गया है। शिकायतों में यह बात सामने आई थी कि कई रेस्तरां मेन्यू में लिखी कीमत और लागू टैक्स के अलावा भी ग्राहकों के बिल में ईंधन के नाम पर वसूली कर रहे हैं। सीसीपीए ने इस बात पर गंभीरता से ध्यान दिया है और पाया है कि रेस्तरां ऐसा करके असल में सर्विस चार्ज से जुड़े मौजूदा नियमों से बचने की कोशिश कर रहे हैं। प्राधिकरण का मानना है कि इस तरह की प्रथाओं से न केवल पारदर्शिता खत्म होती है, बल्कि ग्राहकों पर बिना वजह का आर्थिक बोझ भी पड़ता है
अपने गिरेबां में झांके पाकिस्तान’, आतंकवादी संगठन से जुड़े मामले को लेकर भारत ने दिया मुंहतोड़ जवाब
भारत ने एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन से जुड़े न्यायिक मामलों पर बयान को लेकर पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान को झूठे और भ्रामक दावों के बजाय अपने यहां हो रहे गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों पर विचार करना चाहिए। मंत्रालय ने इसको लेकर एक बयान भी जारी किया है।
मीडिया के सवालों के जवाब में विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, भारत स्पष्ट रूप से पाकिस्तान के इस बयान को खारिज करता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों या न्यायिक प्रक्रियाओं पर कोई टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है।
प्रवक्ता जायसवाल ने कहा कि यह आश्चर्य की बात नहीं है कि एक ऐसा देश इस तरह का बयान जारी कर निर्दोष लोगों की हत्या और हिंसा को बढ़ावा दे रहा है, जो लंबे समय से आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान झूठे और भ्रामक दावों के बजाय अपने यहां जारी गंभीर और व्यवस्थित मानवाधिकार उल्लंघनों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
अदालत ने अपने 286 पन्नों के विस्तृत फैसले में कहा कि अंद्राबी और उसकी सहयोगियों ने कश्मीर को भारत से अलग करने के लिए साजिश रची। अदालत ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की ओर से जमा कराए गए उन वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा किया, जिनमें लगातार यह दावा किया जा रहा था कि कश्मीर पाकिस्तान का है और भारत के कब्जे में है

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