एलपीजी सिलेंडर की ‘पैनिक बुकिंग’ पर सरकार की सख्त अपील, बुकिंग के नियमों में हुआ बड़ा बदलाव

Join Us

देशभर में एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत की अफवाहों के बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आम जनता से एक अहम अपील की है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि गैस की कोई कमी नहीं है और लोगों को पैनिक बुकिंग (घबराहट में बुकिंग) करने से बचना चाहिए। डिमांड को संतुलित करने और जमाखोरी को रोकने के लिए सरकार ने एक अस्थायी कदम उठाते हुए दो बुकिंग के बीच का न्यूनतम अंतर 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है।
अफवाहों से बिगड़ी व्यवस्था, कालाबाजारी रोकने के लिए नया सिस्टम
मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सुजाता शर्मा ने बताया कि गलत जानकारियों और अफवाहों के कारण लोगों ने बड़ी संख्या में पैनिक बुकिंग शुरू कर दी, जिससे सप्लाई चेन पर अनावश्यक दबाव पड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि औसत घरेलू एलपीजी डिलीवरी साइकिल अभी भी लगभग ढाई दिन का ही है और सप्लाई सामान्य रूप से जारी है। इसके साथ ही, डिस्ट्रीब्यूटर स्तर पर गैस की कालाबाजारी और डायवर्जन को पूरी तरह रोकने के लिए अब ‘डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड’ (ष्ठ्रष्ट) सिस्टम को सख्ती से लागू कर दिया गया है।
घरेलू उत्पादन में इजाफा, जरूरी सेक्टरों को मिलेगी प्राथमिकता
राहत की बात यह है कि देश में घरेलू एलपीजी उत्पादन में 25 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है और यह पूरा आउटपुट सीधे घरेलू उपभोक्ताओं की रसोई तक पहुंचाया जा रहा है। वहीं, कमर्शियल उपयोग के मामले में अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों जैसे अति-आवश्यक सेक्टरों को गैस सप्लाई में प्राथमिकता दी जा रही है। रेस्टोरेंट, होटल और अन्य कमर्शियल यूज़र्स के गैस आवंटन की नए सिरे से समीक्षा करने के लिए इंडियन ऑयल (ढ्ढह्रष्टरु), एचपीसीएल (॥क्कष्टरु) और बीपीसीएल (क्चक्कष्टरु) के कार्यकारी निदेशकों की एक तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। यह समिति पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करने के लिए राज्य के अधिकारियों और इंडस्ट्री बॉडीज से सलाह ले रही है।
सरकार ने मंजूर किया 30 हजार करोड़ का पैकेज
अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की बढ़ती कीमतों का सीधा असर आम जनता की जेब पर न पड़े, इसके लिए सरकार ने लागत का एक बड़ा हिस्सा खुद उठाने का फैसला किया है। तेल विपणन कंपनियों (ह्ररूष्टह्य) के घाटे को कवर करने के लिए 30,000 करोड़ रुपये के भारी-भरकम मुआवजे पैकेज को मंजूरी दी गई है। दिल्ली में फिलहाल घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 913 रुपये है। सरकार के मुताबिक, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (क्करूङ्घ) के लाभार्थियों के लिए हाल ही में हुई 60 रुपये की बढ़ोतरी का मतलब हर दिन 80 पैसे से भी कम का अतिरिक्त खर्च है।
अधिकारियों ने आंकड़े पेश करते हुए बताया कि जुलाई 2023 से सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस में 41 फीसदी के भारी उछाल के बावजूद, सरकारी मदद के कारण भारत में उज्ज्वला सिलेंडर की कीमतों में 32 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। सरकार ने जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि भारत में एलपीजी की कीमतें आज भी कई पड़ोसी देशों की तुलना में काफी कम बनी हुई हैं।

Previous articleशेयर बाजार में भूचाल : बाजार खुलते ही 5 सेकंड में स्वाहा हुए 5 लाख करोड़ रुपए, सेंसेक्स-निफ्टी औंधे मुंह गिरे
Next articleशेयर बाजार में हाहाकार; सेंसेक्स 1,342 अंक फिसला, निवेशकों के डूबे 3 लाख करोड़ रुपए