जैसलमेर,(ए.)। राजस्थान के चुनौतीपूर्ण और तपते रेगिस्तानी क्षेत्र में भारतीय सेना की एयर डिफेंस यूनिट ने अपनी उच्च स्तरीय युद्ध तैयारी और मारक क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय सेना की एयर डिफेंस यूनिट ने एक व्यापक फायरिंग अभ्यास के दौरान अपनी युद्ध तैयारियों और अचूक मारक क्षमता को परखा। भीषण गर्मी और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद, सेना के जांबाजों ने आधुनिक हथियार प्रणालियों के जरिए आसमान से आने वाले हर खतरे को नेस्तनाबूद करने का सफल अभ्यास किया।अग्रिम इलाकों में आयोजित व्यापक फायरिंग अभ्यास के दौरान एयर डिफेंस वॉरियर्स ने सटीक निशानेबाज़ी, त्वरित प्रतिक्रिया और आधुनिक हथियार प्रणालियों के प्रभावी उपयोग से अपनी ऑपरेशनल दक्षता साबित की। कठिन भू-भाग और तेज गर्म हवाओं के बीच भी अभ्यास पूरी तरह सफल रहा।
इस सैन्य अभ्यास में कोणार्क कोर के डेजर्ट वॉरियर्स तथा ब्लेजिंग स्काइज ब्रिगेड के जवानों ने भाग लिया। अभ्यास का उद्देश्य युद्ध जैसी परिस्थितियों में तैनात सैनिकों की प्रतिक्रिया क्षमता, फायरिंग सटीकता और समन्वय कौशल को परखना था। इसमें अत्याधुनिक रडार प्रणालियों और ट्रैकिंग उपकरणों के बीच बेहतरीन समन्वय देखने को मिला, जिससे हर टारगेट को पलक झपकते ही ध्वस्त कर दिया गया।
अभ्यास के दौरान विभिन्न अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम का उपयोग किया गया। रडार, ट्रैकिंग और हथियार प्रणालियों के बीच बेहतरीन तालमेल देखने को मिला। हर फायरिंग ड्रिल निर्धारित समय-सीमा में पूरी की गई, जिससे सैनिकों की प्रोफेशनलिज़्म और अनुशासन की झलक साफ दिखाई दी। कठिन मौसम, सीमित दृश्यता और रेत भरी आंधियों जैसी परिस्थितियों में भी जवानों ने संयम और साहस का परिचय दिया।








