पंजाब के लोग सुरक्षित सफर कर सकें इसके लिए पंजाब सरकार तत्परता के साथ काम कर रही है। दुर्घटनाओं पर रोकथाम लगाने के लिए पूरे पंजाब में गुणवत्तापूर्ण सडक़ों का निर्माण किया जा रहा है।?इसके अलावा स्वास्थ्य क्षेत्र?में क्रांति का अहम हिस्सा बनीं चिकित्सा उपकरणों से सुसज्जित हाईटेक एंबुलेंसें लोगों की जान बचाने में मुख्य भूमिका निभा रही है।?सबसे बड़ी बात ये एंबुलेंसें शहरी क्षेत्रों में 15 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में 20 मिनट के भीतर जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचती हैं।?पंजाब सरकार ने अब तक 371 हाईटेक एंबुलेंसों की सुविधा प्रदेश के लोगों के लिए शुरू की हैं। इसके अलावा 108 टोल-फ्री हेल्पलाइन जनता की सेवा के लिए 24?घंटे उपलब्ध है। एक कॉल से पूरा रिस्पॉन्स चेन शुरू हो जाता है, जिसमें कंट्रोल रूम, जीपीएस ट्रैकिंग, पैरामेडिक्स, एम्बुलेंस और अस्पताल एक साथ काम करते हैं। पंजाब में 371 एम्बुलेंस तैनात हैं, जिसमें 46 नई हाई-टेक गाडिय़ां शामिल हैं।?इनमें से सात एम्बुलेंसों को समाना (पटियाला) में चाइल्ड मेमोरियल एम्बुलेंस के तौर पर समर्पित किया गया है, उन बच्चों की याद में जिनकी जून 2025 की शुरुआत में एक दुखद सडक़ दुर्घटना में जान चली गई थी। मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान सुनिश्चित कर रहे हैं कि हर एक घायल या बीमार को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाई जाएं।?इसके लिए सभी संबंधित ढांचे को मजबूत किया गया है। इन एंबुलेंसों में जीपीएस और जीवन रक्षक दवाएं मौजूद हैं। मरीजों का आवश्यकतानुसार जरूरी उपचार तत्काल करने के लिए?अत्याधुनिक उपकरण भी एंबुलेंसों में हैं।?इन उपकरणों से मरीज की जान बचाने में सहायता मिलती है।?लुधियाना, अमृतसर और जालंधर जैसे शहरों में, ट्रैफिक जाम अक्सर मरीज़ों और समय पर इलाज के बीच रुकावट बनता है। इस समस्या से निपटने के लिए, पंजाब राज्य में हाई-टेक एम्बुलेंस में ट्रैकिंग सिस्टम लगे हैं जिनमें जीपीएस की सुविधा है और वे सेंट्रल कंट्रोल रूम से जुड़े हुए हैं। इससे यह पक्का होता है कि एम्बुलेंस शॉर्टकट लें और बहुत कम समय में अपने मरीज़ों तक पहुँचें।
कैसे काम करती है हाईटेक एंबुलेंस
पंजाब की 5500 किलोमीटर की राज्य व राष्ट्रीय मार्गों पर अत्याधुनिक वाहनों से लैस सडक़ सुरक्षा फोर्स के 5000 कर्मचारी लोगों की जान की रक्षा के लिए 24 घंटे सेवा निभा रहे हैं। सडक़ सुरक्षा फोर्स की एक गाड़ी को मात्र 30 किलोमीटर का दायरा दिया गया है ताकि वह आसानी से इस दायरे को कवर कर सके। फोर्स के पास आधुनिक वाहन जिसमें 116 टोयोटा हिलक्स और 28 महेन्द्रा स्कॉर्पियो शामिल हैं। सडक़ सुरक्षा फोर्स के सडक़ पर उतरने की वजह से पंजाब में सडक़ हादसों में 25 फीसदी की कमी आई है। सरकार का लक्ष्य इसे 50 फीसदी तक लेकर जाने का है। इसके लिए अब तक 325 हाईटेक एंबुलेंस सडक़ों पर उतारी जा चुकी हैं। गंभीर सडक़ हादसों में ये हाईटेक एंबुलेंस लोगों की जान बचाने और उन्हें कम से कम समय में अस्पताल पहुंचाने में जुटी हुई हैं।








