फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की 17 से 19 फरवरी तक चलने वाली भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और रणनीतिक संबंधों का एक नया अध्याय शुरू हुआ है। राष्ट्रपति मैक्रों की यह अहम यात्रा मुंबई से शुरू हुई, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक विस्तृत और अहम द्विपक्षीय बैठक की। इसके बाद दोनों शीर्ष नेताओं ने नई दिल्ली में आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ में भी शिरकत की। इस दौरे का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक परिणाम यह रहा कि भारत और फ्रांस के बीच अब तक के संबंधों को अपग्रेड करते हुए इसे विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दे दिया गया है।
रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में भारत की बड़ी छलांग
रक्षा क्षेत्र में भारत की ‘आत्मनिर्भरता’ को और मजबूत करते हुए दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग समझौते का नवीनीकरण किया गया है। इसके तहत कर्नाटक के वेमगल में एच-125 (॥125) हेलीकॉप्टर की फाइनल असेंबली लाइन का आधिकारिक उद्घाटन किया गया। साथ ही, भारतीय सशस्त्र बलों की ताकत बढ़ाने के लिए ‘हैमर’ मिसाइलों के स्वदेशी उत्पादन को लेकर बीईएल (क्चश्वरु) और फ्रांसीसी कंपनी सफ्रान के बीच एक संयुक्त उद्यम पर मुहर लगी है। सैन्य स्तर पर सहयोग को और गहरा करने के लिए भारतीय सेना और फ्रांसीसी लैंड फोर्सेज के अधिकारियों की एक-दूसरे के यहां पारस्परिक तैनाती का फैसला लिया गया है। इसके अलावा, एयरोनॉटिक्स में स्किलिंग के लिए एक नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और एक संयुक्त एडवांस्ड टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट ग्रुप का भी गठन किया गया है।
इनोवेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्वास्थ्य सेवा में नई शुरुआत
इस दौरे पर तकनीक और भविष्य के इनोवेशन पर भी खासा जोर देखने को मिला। दोनों देशों ने साझा रूप से ‘भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर 2026’ और एक नए इनोवेशन नेटवर्क का शुभारंभ किया है। स्वास्थ्य और तकनीक को जोड़ते हुए नई दिल्ली स्थित एम्स में ‘एआई इन हेल्थ’ के लिए एक खास इंडो-फ्रेंच सेंटर की शुरुआत की गई है। इसके अलावा डिजिटल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी और मेटाबॉलिक हेल्थ साइंसेज के लिए भी संयुक्त केंद्र स्थापित करने की घोषणा की गई है। विज्ञान और तकनीक विभाग और फ्रांसीसी एजेंसी के बीच एडवांस्ड मटेरियल्स सेंटर बनाने और वैज्ञानिक सहयोग के लिए अहम समझौते हुए हैं। वहीं, संक्रामक रोगों और ग्लोबल हेल्थ रिसर्च को लेकर भी दोनों देशों ने साथ मिलकर काम करने का लेटर ऑफ इंटेंट साइन किया है।
अर्थव्यवस्था, ऊर्जा और कूटनीतिक संवाद पर बनी सहमति
द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को सुगम बनाने के लिए भारत और फ्रांस के बीच ‘डबल टैक्स अवॉइडेंस एग्रीमेंट’ में एक अहम संशोधन प्रोटोकॉल शामिल किया गया है। स्टार्ट-अप इकोसिस्टम, नवाचार और नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग के लिए टी-हब और नॉर्ड फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी पर सहमति बनी है। इसके साथ ही क्रिटिकल मिनरल्स व मेटल्स पर संयुक्त घोषणा और भारत के संचार मंत्रालय (डाक विभाग) और फ्रांस की ला पोस्टे के बीच भी अहम लेटर ऑफ इंटेंट साइन हुआ है। भविष्य के ‘हॉरिजन 2047’ रोडमैप की नियमित समीक्षा और ऊंचे स्तर की साझेदारी बनाए रखने के लिए अब से दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच एक वार्षिक संवाद भी स्थापित किया गया है। पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में भी सहयोग समझौते का नवीनीकरण किया गया है।








