केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने एक ऐतिहासिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते की घोषणा की. उन्होंने इसे विकसित भारत 2047 के संकल्प की दिशा में एक मील का पत्थर बताया.
गोयल ने बताया कि अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर लगने वाले 50 प्रतिशत के रेसिप्रोकल टैरिफ को घटाकर अब मात्र 18 प्रतिशत कर दिया है. यह दर चीन (35 प्रतिशत), वियतनाम (20 प्रतिशत) और बांग्लादेश (20 प्रतिशत) जैसे प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में काफी कम है, जिससे भारतीय निर्यातकों को वैश्विक बाजार में बड़ी बढ़त मिलेगी.
उन्होंने कहा, इस समझौते का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार को 500 बिलियन तक पहुँचाना है. इसकी नींव फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चर्चाओं के दौरान रखी गई थी.
मंत्री ने कहा कि इस डील से देश भर में उत्साह का माहौल है. यह समझौता न केवल व्यापार बढ़ाएगा, बल्कि भारतीय युवाओं और एमएसएमई के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा. गोयल ने जोर देकर कहा कि यह समझौता प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की गहरी मित्रता और दोनों देशों के बीच बढ़ते अटूट विश्वास का प्रमाण है.








