भारतीय प्राइमरी मार्केट के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. बाजार नियामक सेबी ने इन्क्रेड होल्डिंग्स और एलिवेट कैंप्सस सहित कुल आठ कंपनियों को आईपीओ के जरिए बाजार से पूंजी जुटाने की मंजूरी दे दी है. ये कंपनियां सामूहिक रूप से लगभग 10,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही हैं.
सेबी से मंजूरी पाने वाली कंपनियों की सूची में दिग्गज नाम शामिल हैं. इनमें इन्क्रेड होल्डिंग्स और एलिवेट कैंप्सस के अलावा लेजर पावर एंड इन्फ्रा, सीडमेक मेकट्रानिक्स, आरडी इंडस्ट्रीज, अर्मी इन्फोटेक, आरवी इंजीनियरिंग कंसल्टेंट और संकेश ज्वैलर्स शामिल हैं. निवेशकों के लिए अगले कुछ महीने निवेश के बेहतरीन अवसर लेकर आने वाले हैं.
इस खेप में सबसे बड़ा आकर्षण इन्क्रेड होल्डिंग्स का आईपीओ माना जा रहा है. कंपनी इस इश्यू के जरिए बाजार से 3,000 से 4,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है. वहीं, एजुकेशन सेक्टर की उभरती कंपनी एलीवेट कैंप्सस भी 2,550 करोड़ रुपये का अपना आईपीओ लाने के लिए तैयार है. खास बात यह है कि एलिवेट का आईपीओ पूरी तरह से फ्रेश इश्यू होगा, यानी इसमें कोई ऑफर फॉर सेल नहीं है और जुटाया गया पूरा पैसा कंपनी के विकास में इस्तेमाल होगा.
यह मंजूरी ऐसे समय में आई है जब साल की शुरुआत में ही इंडिया कोक एंड कोल लिमिटेड, शैडोफैक्स टेक्नोलाजीज और अमागी मीडिया लैब्स जैसी बड़ी कंपनियों ने पहले ही बाजार से 4,766 करोड़ रुपये सफलतापूर्वक जुटाए हैं. इन आठ नई कंपनियों के आने से सेकेंडरी मार्केट में भी लिक्विडिटी और उत्साह बढऩे की उम्मीद है.
विविध सेक्टर: फिनटेक, एडुटेक, इंफ्रास्ट्रक्चर और ज्वेलरी जैसे अलग-अलग सेक्टर की कंपनियों के आने से पोर्टफोलियो डाइवर्सिफाई करने का मौका मिलेगा.
भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रति निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है. यदि आप भी शेयर बाजार में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो इन आगामी आईपीओ के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस पर नजऱ रखना शुरू कर दें. 2026 का यह साल आईपीओ निवेशकों के लिए मालामाल होने वाला साबित हो सकता है.








