नई दिल्ली,(ए.)। लोकसभा में मंगलवार को विपक्ष के भारी हंगामे और अनुशासनहीनता के चलते स्पीकर ओम बिरला ने सख्त कदम उठाया है। सदन में स्पीकर की कुर्सी (आसन) की ओर कागज के टुकड़े उछालने और अभद्र व्यवहार करने के आरोप में विपक्ष के 8 सांसदों को बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया है। जोरदार हंगामे के कारण आज भी सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी और इसे कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 3 बजे कार्यवाही शुरू होते ही इन सांसदों के निलंबन का प्रस्ताव पेश किया था, जिसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।सदन में हंगामे की शुरुआत तब हुई जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपने भाषण के दौरान चीन का मुद्दा उठाना शुरू किया। राहुल गांधी अपनी बात रखने पर अड़े रहे, लेकिन सत्ता पक्ष के विरोध और शोरगुल के कारण उनकी स्पीच पूरी नहीं हो सकी। स्थिति तब और बिगड़ गई जब नारेबाजी करते हुए विपक्षी सांसद वेल में आ गए और उन्होंने स्पीकर के आसन की ओर कागज के टुकड़े फाडक़र उछाल दिए। इस व्यवधान के कारण सदन की कार्यवाही को दिन में कई बार रोकना पड़ा।
इन सांसदों पर गिरी गाज
स्पीकर द्वारा निलंबित किए गए 8 सांसदों में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेता शामिल हैं। कार्रवाई की जद में आने वाले सांसदों में गुरजीत औजला, मणिकम टैगोर, अमरिंदर सिंह राजा वडि़ंग, किरण कुमार रेड्डी, डीन कुरियाकोस, एस वेंकटेश (सीपीएम), हिबी ईडन और प्रशांत पडोले शामिल हैं। सरकार का कहना है कि आसन का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, जिसके चलते यह कड़ा फैसला लिया गया है।
कांग्रेस की चुनौती- हिम्मत है तो सबको सस्पेंड करें
इस कार्रवाई से ठीक पहले कांग्रेस ने सरकार को खुली चुनौती दी थी। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने टेबल पर चढक़र विरोध करने वाले सांसदों का बचाव करते हुए कहा था कि राहुल गांधी अपनी ड्यूटी कर रहे हैं और सरकार उन्हें रोक रही है। वेणुगोपाल ने सरकार को ललकारते हुए कहा था कि अगर सरकार में हिम्मत है तो वह सिर्फ कुछ सांसदों को नहीं, बल्कि पूरे विपक्ष को सस्पेंड करके दिखाए। विपक्ष का आरोप है कि सरकार उनकी आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।








