गणतंत्र दिवस समारोह से ठीक पहले राजधानी दिल्ली की सुरक्षा चाक-चौबंद करने और किसी भी संभावित साजिश को नाकाम करने के लिए दिल्ली पुलिस पूरी तरह एक्शन मोड में है। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली पुलिस ने अपराधियों और असामाजिक तत्वों की कमर तोडऩे के लिए ‘ऑपरेशन कवच-12’ के तहत एक बड़े अभियान को अंजाम दिया है। पुलिस ने एक ही रात में 94 अलग-अलग ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए 70 संदिग्धों और अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इस औचक कार्रवाई से पूरे इलाके में हडक़ंप मच गया है।
खुफिया इनपुट के बाद 78 टीमों ने एक साथ बोला धावा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, 26 जनवरी के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों को राजधानी में कुछ संदिग्ध गतिविधियों के इनपुट मिले थे। इसी आधार पर हाई अलर्ट जारी किया गया था। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 78 विशेष टीमों का गठन किया। इन टीमों ने योजनाबद्ध तरीके से जिले के संवेदनशील इलाकों में एक साथ दबिश दी। पुलिस का मकसद यह सुनिश्चित करना था कि अपराधी किसी भी तरह की गतिविधि को अंजाम न दे सकें।
हथियार, नशीले पदार्थ और संदिग्ध गाडिय़ां जब्त
इस सघन चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने सडक़ों पर नाकेबंदी कर कई संदिग्ध वाहनों को रोका और उनकी तलाशी ली। जांच में कुछ गाडिय़ों से आपत्तिजनक सामान मिलने पर उन्हें तुरंत जब्त कर लिया गया। छापेमारी में पकड़े गए 70 आरोपियों के पास से पुलिस ने अवैध हथियार, भारी मात्रा में नशीले पदार्थ और नकदी बरामद की है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि गिरफ्तार किए गए कई लोग पहले से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहे हैं और वे गणतंत्र दिवस से पहले किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हो सकते थे। फिलहाल पकड़े गए सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनके पीछे कोई बड़ी संगठित साजिश तो नहीं थी।
सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: पुलिस
दक्षिण-पूर्वी दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ‘ऑपरेशन कवच-12’ का उद्देश्य राजधानी में कानून-व्यवस्था को मजबूत करना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने चेतावनी दी है कि देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने आसपास सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या लावारिस वस्तु की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि राष्ट्रीय पर्व को शांति और सुरक्षित माहौल में मनाया जा सके।








