अहमदाबाद विमान हादसे को लेकर अमेरिकी संस्था का दावा, कहा- दुर्घटनाग्रस्त विमान में कई खामियां थीं

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अहमदाबाद (आरएनएस)। अमेरिका की विमानन सुरक्षा से जुड़ी एक संस्था ने दावा किया है कि गुजरात के अहमदाबाद में पिछले साल दुर्घटनाग्रस्त हुए विमान में पहले भी कई खराबी आ चुकी थी। अमेरिकी अभियान समूह, फाउंडेशन फॉर एविएशन सेफ्टी ने बताया कि एयर इंडिया विमान में न केवल खराबी आई थी बल्कि उसमें पहले आग भी लग चुकी थी। संस्था ने अपनी रिपोर्ट अमेरिकी सीनेट को भेजी है, जिसमें अपने निष्कर्षों को रेखांकित किया है। दुर्घटना की आधिकारिक जांच जारी है।
सूत्रों के मुताबिक, अमेरिकी संस्था ने कहा कि उसने यह दावा उन दस्तावेजों के आधार पर किया है, जो उसके हाथ लगे हैं। हालांकि, बोइंग ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, दुर्घटना में शामिल विमान (पंजीकरण नंबर वीटी-एएनबी) शुरुआती 787 विमानों में से एक था। इसने पहली बार 2013 के अंत में उड़ान भरी थी और 2014 की शुरुआत में एयर इंडिया के साथ सेवा में शामिल हुआ था।
संस्था ने दस्तावेजों के आधार पर बताया कि एयर इंडिया में शामिल होने के पहले दिन से ही विमान के सिस्टम में खराबी आ रही थी। आरोप है कि ये खराबी इंजीनियरिंग, निर्माण, गुणवत्ता और रखरखाव संबंधी समस्याओं की एक विस्तृत और जटिल श्रृंखला के कारण हुई थी। इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स और सॉफ्टवेयर की खामियां, सर्किट ब्रेकरों का बार-बार ट्रिप होना, तारों को नुकसान, शॉर्ट सर्किट, विद्युत प्रवाह की हानि और पावर सिस्टम घटकों का अत्यधिक गर्म होना शामिल था।
संस्था ने बताया कि जनवरी 2022 में विमान के पी 100 पावर डिस्ट्रीब्यूशन पैनल में आग लगी थी। यह उन 5 पैनलों में है जो इंजनों द्वारा उत्पन्न उच्च-वोल्टेज बिजली को विमान में वितरित करते हैं। आग से काफी नुकसान हुआ था, जिसके बाद पूरे पैनल को बदलना पड़ा। इसके बाद डिजाइनरों ने कई यांत्रिक और वायवीय घटकों को हटाकर हल्के विद्युत घटक लगाए थे। बता दें, बोइंग-787 विमान पिछली पीढिय़ों के यात्री विमानों से अधिक विद्युत प्रणालियों पर निर्भर है।
अहमदाबाद से लंदन जाने वाला एयर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान एआई-171 उड़ान भरते ही 12 जून, 2025 को एक छात्रावास से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी समेत 241 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि एक यात्री जीवित बचा था। जमीन पर 20 लोग मारे गए थे। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो मामले की जांच कर रहा है, जिसमें अमेरिकी अधिकारी शामिल हैं, क्योंकि विमान और इंजन अमेरिका में बने थे।

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