आतंक पर एनआईए का शिकंजा, रेड फोर्ट ब्लॉस्ट केस में 5 आरोपी अब 3 दिन की पुलिस रिमांड पर

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पटियाला (ए.)। पटियाला हाउस कोर्ट ने बुधवार को लाल किला विस्फोट मामले के पांच आरोपियों – डॉ. शाहीन, मुफ्ती इरफान अहमद, जसीर बिलाल वानी, डॉ. अदील अहमद और मुज़म्मिल – को तीन दिन की एनआईए हिरासत में भेज दिया। इससे पहले दिल्ली की अदालत ने यासिर अहमद डार को 11 दिन की हिरासत में भेजा था। इससे पहले, दिल्ली की अदालत ने लाल किला विस्फोट मामले के आरोपी यासिर अहमद डार को 11 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंजू बजाज चंदना ने दार को अदालत में पेश किए जाने के बाद 16 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पिछले साल 26 दिसंबर को अदालत ने दार की राष्ट्रीय न्याय एजेंसी (एनआईए) हिरासत 10 दिनों के लिए बढ़ा दी थी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने 18 दिसंबर को दार को गिरफ्तार किया था, जो इस मामले में नौवां आरोपी है। एनआईए के अनुसार, जम्मू-कश्मीर निवासी दार, उमर-उन-नबी का करीबी सहयोगी था, जो 10 नवंबर को लाल किले के बाहर विस्फोटक से भरी कार में विस्फोट करने वाला आत्मघाती हमलावर था। एनआईए ने कहा कि दार ने कथित तौर पर उस विस्फोट की साजिश में सक्रिय भूमिका निभाई थी जिसमें 15 लोगों की जान गई और कई अन्य घायल हो गए। एनआईए ने कहा कि दार इस मामले में उमर-उन-नबी और मुफ्ती इरफान सहित अन्य आरोपियों के साथ घनिष्ठ संपर्क में था। दिसंबर में दिल्ली की एक अदालत ने लाल किले विस्फोट मामले में सात आरोपियों की न्यायिक हिरासत 15 दिनों के लिए बढ़ा दी। अदालत ने डॉ. अदील राथर, डॉ. मुज़म्मिल गनाई, डॉ. शाहीन सईद, मौलवी इरफान अहमद वागे, जसिर बिलाल वानी, आमिर राशिद अली और सोयब को 15 और दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

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