नई दिल्ली,(ए)। कांग्रेस की चेयरपर्सन और पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंगलवार को ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ अभियान के तहत एक वीडियो जारी कर केंद्र की मोदी सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह कानून गरीबों, बेरोजगारों और वंचित वर्गों के हितों पर सीधा हमला है और सरकार ने इस ऐतिहासिक योजना पर बुलडोजर चला दिया है।अपने वीडियो संदेश में सोनिया गांधी ने याद दिलाया कि करीब 20 साल पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में मनरेगा कानून को संसद में सर्वसम्मति से पारित किया गया था। उन्होंने इसे एक क्रांतिकारी कदम बताते हुए कहा कि इस कानून ने ग्रामीण परिवारों के पलायन को रोका और करोड़ों लोगों को रोजगार का कानूनी अधिकार दिया। मनरेगा ने न सिर्फ गरीब परिवारों को आजीविका का सहारा दिया, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान की।सोनिया गांधी ने कहा, कि पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार ने गरीबों, बेरोजगारों और वंचितों के हितों की लगातार अनदेखी की है। उन्होंने कहा, मनरेगा कानून से सिर्फ महात्मा गांधी का नाम ही नहीं हटाया गया, बल्कि इस पर बुलडोजर चला दिया गया। विपक्ष से बिना किसी सलाह-मशविरे के मनमाने बदलाव किए गए। अब किसे कितना, कैसे और कहां रोजगार मिलेगा, यह सब दिल्ली में बैठकर तय किया जा रहा है, जो जमीनी हकीकत से कोसों दूर है। उन्होंने कहा कि मनरेगा कांग्रेस की देन जरूर है, लेकिन यह कभी पार्टी का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि यह देशहित और जनहित से जुड़ा कानून है। सोनिया गांधी के मुताबिक, मनरेगा को कमजोर करके मोदी सरकार करोड़ों किसानों, गरीबों और भूमिहीन मजदूरों पर सीधा हमला कर रही है। उन्होंने ऐलान किया, इस हमले का हमें मिलकर मुकाबला करना होगा। 20 साल पहले गरीब भाइयों-बहनों को रोजगार का अधिकार दिलाने के लिए मैंने संघर्ष किया था और अब इस ‘काले कानून’ के खिलाफ लडऩे के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध हूं।
कांग्रेस का यह वीडियो पार्टी के 45 दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ का हिस्सा है, जो 10 जनवरी से शुरू होकर 25 फरवरी तक चलेगा। इस अभियान के तहत कांग्रेस शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन, विधानसभा घेराव, पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान और ‘काम मांगो अभियान’ चलाएगी।








