नई दिल्ली (ए.)। वेदांता ग्रुप के चेयरमैन और दिग्गज उद्योगपति अनिल अग्रवाल इस समय अपने जीवन के सबसे दुखद दौर से गुजर रहे हैं। बेटे अग्निवेश अग्रवाल के आकस्मिक निधन ने उन्हें भीतर से तोड़ दिया है। पुत्र वियोग के इस गहरे सदमे के बीच अनिल अग्रवाल ने एक ऐसा फैसला दोहराया है, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया है। उन्होंने ऐलान किया है कि वह अपनी कुल संपत्ति का 75 फीसदी से ज्यादा हिस्सा समाज भलाई के लिए दान करेंगे। उन्होंने कहा कि अब उनकी बाकी जिंदगी इसी मकसद के लिए होगी और वे और भी सादगी से जीवन जिएंगे।अनिल अग्रवाल ने एक बेहद भावुक पोस्ट के जरिए बताया कि अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा समाज को लौटाने का वादा उन्होंने अपने बेटे अग्निवेश से किया था। उन्होंने कहा, मैंने जो कुछ भी कमाया है, उसका ज्यादातर हिस्सा समाज के काम आना चाहिए।
” बेटे के जाने के बाद उन्होंने इस संकल्प को और मजबूत किया है। फोब्र्स के मुताबिक, अनिल अग्रवाल और उनके परिवार की कुल नेटवर्थ करीब 4.2 अरब डॉलर (लगभग 35,000 करोड़ रुपये) है।
कार्डियक अरेस्ट से हुई थी बेटे की मौत
अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल का 49 साल की उम्र में अमेरिका में इलाज के दौरान कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया था। एक पिता के लिए जवान बेटे की अर्थी उठाने से बड़ा दुख और कुछ नहीं हो सकता। अनिल अग्रवाल ने अपने दर्द को बयां करते हुए लिखा कि वह और उनकी पत्नी किरण अग्रवाल पूरी तरह टूट चुके हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वेदांता परिवार में काम करने वाला हर कर्मचारी उन्हें अपने बच्चों जैसा ही लगता है, जो उन्हें इस दुख की घड़ी में संबल दे रहे हैं।








