मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश निवेश, रोजगार और समावेशी विकास का एक नया मॉडल गढ़ रहा है। अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट से प्रदेश में औद्योगिक विस्तार को नई गति मिलेगी और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश अब साकार होती संभावनाओं का अग्रणी केंद्र बन चुका है। उन्होंने कहा कि आज का यह आयोजन प्रदेश के उज्जवल औद्योगिक भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि मध्यप्रदेश में निवेश हर मायने में फायदे का सौदा है। मध्यप्रदेश, देश का दिल होने के साथ-साथ देश की आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रमुख पड़ाव है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश अनंत संभावनायें लिए हुए है। देश के मध्य में स्थित होने के कारण मध्यप्रदेश व्यापार, व्यवसाय, उद्योग-धंधे लगाने से लेकर अपने उत्पाद को निर्यात करने के लिए एक अनुपम केंद्र बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने मध्यप्रदेश को भारत का विकास और अवसरों का केंद्र बताते हुए सभी निवेशकों से प्रदेश में निवेश जरूर करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश आज उन चुनिंदा राज्यों में है, जहाँ प्राकृतिक संसाधन, उद्योग-अनुकूल नीतियाँ, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और स्थिर शासन—सभी निवेशकों के लिए आदर्श वातावरण तैयार करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अपनी कई विशिष्ट पहचानों के कारण पूरे देश में अद्वितीय है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि प्रदेश में 18 नई उद्योग-अनुकूल नीतियाँ, विस्तृत लैंड बैंक, भरपूर जल उपलब्धता, स्किल्ड मानव संसाधन, उत्कृष्ट लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी और पारदर्शी प्रशासन निवेशकों को सर्वोत्तम वातावरण प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि रिन्यूएबल एनर्जी, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, फार्मा, आईटी और पेट्रोकेमिकल्स जैसे सभी प्रमुख सेक्टरों में निवेश के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने निवेशकों को औद्योगिक सहयोग के साथ शिक्षा, अनुसंधान, संस्कृति, कौशल विकास, अवसंरचना और पर्यटन में साझेदारी के लिए आमंत्रित किया। कहा कि प्रधानमंत्री श्रीमोदी के नेतृत्व में भारत विश्व के विश्वसनीय विकास साझेदार के रूप में स्थापित हो रहा है। मध्यप्रदेश राष्ट्रीय प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने निवेशकों को विश्वास दिलाते हुए कहा कि मध्यप्रदेश निवेशकों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी के लिए पूर्णत: प्रतिबद्ध है। निवेशक भारत के दिल से जुड़े रहे। मध्यप्रदेश भी हमेशा निवेशकों के साथ सहयोग और साझेदारी करने में पीछे नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि राज्य सरकार ने उद्योग एवं रोजगार वर्ष में युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने कहा कि स्व. अटल जी राष्ट्रनीति के शिखर पुरुष एवं राजनीति के अजातशत्रु थे। मुख्यमंत्री ने स्व. अटल जी की 101वीं जयंती के अवसर पर उन्हें नमन कर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में गरीब, किसान, महिला एवं युवाओं के कल्याण के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी एवं गृहमंत्री श्री शाह के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश इसी 11 दिसंबर को नक्सलवाद की समस्या से पूर्णत: मुक्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिये हर संभव कोशिश कर रही है। मध्यप्रदेश में 8.5 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर रहे हैं। अटलजी की जयंती के अवसर पर प्रदेश के साथ ग्वालियर को भी बड़ी सौगातें मिल रही हैं। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि यह मध्यप्रदेश के अभ्युदय का समय है। ग्वालियर की धरती से आज प्रदेश के विकास को एक गति मिली है। उन्होंने ग्वालियर आये सभी निवेशकों एवं उद्योगपतियों का हृदय से स्वागत करते हुए कहा कि यह प्रदेश का प्रवेश द्वार है। स्व. अटल जी जैसे मूर्धन्य राजनेता देने वाले इस शहर ने देश और दुनिया को नई सोच और नये विचार दिए हैं। केंद्रीय संचार मंत्री श्री सिंधिया ने कहा कि यह दिवस अटल जी के सम्मान में केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तरदायित्व का दिवस है। भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय स्व.श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म शताब्दी के अवसर पर आयोजित यह ग्रोथ समिट विकास के एक मजबूत स्तंभ की स्थापना जैसा है। स्व.अटल जी के आदर्शों और मूल्यों को आत्मसात करते हुए आज विकास की ठोस नींव रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि सुशासन किसी भी राष्ट्र की जड़ों को मजबूत करता है। जैसे वृक्ष की वृद्धि उसकी मजबूत जड़ों पर निर्भर करती है, उसी प्रकार देश का विकास सुशासन के आधार पर आगे बढ़ता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में सुशासन आज सरकार की कार्यप्रणाली का मूल आधार बन चुका है। केंद्रीय मंत्रीश्री सिंधिया ने कहा कि देश में सुरक्षा, राष्ट्रीय एकता और कानून व्यवस्था को वैश्विक स्तर पर सराहना मिली है। अनुच्छेद 370 के उन्मूलन के बाद देश में शांति और स्थिरता का वातावरण स्थापित हुआ है। नक्सलवाद और आतंकवाद के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई कर आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि यह दृढ़ नेतृत्व और स्पष्ट निर्णय क्षमता का परिणाम है। केन्द्रीय मंत्रीश्री सिंधिया ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी दूरदृष्टा नेता थे। उनके लिए राजनीति सत्ता प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि परिवर्तन और राष्ट्र सेवा का साधन थी। उनका जीवन संघर्ष, संवेदनशीलता और सिद्धांतों का अद्भुत संगम रहा है। उन्होंने कहा कि आज भारत जनसेवा और जनभागीदारी के माध्यम से वैश्विक मंच पर एक सशक्त राष्ट्र के रूप में उभर रहा है। यह विकास यात्रा स्व.अटल जी के विचारों और प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व का सजीव उदाहरण है। श्री सिंधिया ने कहा कि अटल जी का जीवन, उनकी कविताएं और उनके विचार आज भी देश को दिशा देने का कार्य करते हैं। सुशासन और जनकल्याण ही किसी भी सरकार का अंतिम उद्देश्य होना चाहिए। यही श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की सच्ची विरासत है। विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि यह कार्यक्रम भारतरत्न, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के व्यक्तित्व और कृतित्व को श्रद्धा-सुमन अर्पित करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि शताब्दी वर्ष के अवसर पर इस प्रकार का आयोजन होना वास्तव में सोने पर सुहागा है। इस अवसर पर जिले की औद्योगिक इकाइयों के भूमिपूजन का कार्य संपन्न हो रहा है, जो क्षेत्र के औद्योगिक विकास को नई गति प्रदान करेगा। साथ ही ग्वालियर द्वारा वर्ष 1905 से आयोजित होने वाले ऐतिहासिक ग्वालियर मेले का शुभारंभ भी किया गया है, जो स्थानीय परंपरा और आर्थिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण प्रतीक रहा है।








