मप्र के उज्जैन में बाबा महाकाल पर अब भारी फूलमाला नहीं चढ़ेंगी

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उज्जैन, (ए.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर के मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा लाई जाने वाली भारी-भरकम फूलमाला (अजगर माला) और मुण्डमाल आगामी एक जनवरी 2026 से शिवलिंग पर नहीं चढ़ाई जाएंगी।महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने इन पर प्रतिबंध लगा दिया है। एएसआई और जीएसआई की गाइड लाइन का ध्यान रखते हुए करीब 10 किलो से अधिक वजनी मालाओं पर शिवलिंग क्षरण रोकने के लिए मंदिर समिति द्वारा यह फैसला लिया गया है। महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं के द्वारा लाई जाने वाली बड़ी माला, जिसे अजगर माला कहा जाता है, को भगवान महाकाल को अर्पित करने पर रोक लगा दी है।आगामी नए वर्ष के पहले दिन से इसे पूर्णत: प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। इसके लिए अभी महाकाल मंदिर परिसर में उद्घोष हो रहा है कि भगवान के लिए अजगर माला नहीं खरीदें। साथ ही कक्ष से भक्तों को नए नियम की जानकारी देने के लिए लगातार उद्घोषणा भी की जा रही है। मंदिर के आसपास फूल प्रसाद की दुकान संचालित करने वाले व्यवसायियों को मंदिर समिति ने बता दिया है कि फूलों की भारी व बड़ी माला न तो बनाए और न ही विक्रय करें। उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल का मंदिर समिति की ओर से ही श्रृंगार किया जा सकेगा।गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने ज्योतिर्लिंग भगवान महाकाल के क्षरण की जांच तथा उसे रोकने के उपाय करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) तथा भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) की टीम गठित की थी। विशेषज्ञों ने ज्योतिर्लिंग की सुरक्षित रखने के लिए कई सुझाव दिए। इसमें एक सुझाव भगवान महाकाल को फूलों की छोटी माला तथा समिति मात्रा में फूल अर्पण का था। महाकाल मंदिर परिसर में स्थित दुकानों पर अजगर मालाएं 500 से 2100 रुपये तक में बिकती हैं। श्रद्धालु इन मालाओं को खरीद कर शिवलिंग को अर्पित कर रहे थे। भक्त पुजारी को देते और पुजारी भगवान महाकाल को पहना देते थे। ये माला फूलों की मोटी व बड़ी माला होती है, जिनका 10 से 15 किलो तक होता था।मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि महाकाल मंदिर के शिवलिंग पर चढऩे वाले भारी अजगर माला पर आगामी एक जनवरी से प्रतिबंधित कर दिया है। नया नियम लागू होने के बाद मंदिर के विभिन्न द्वारों पर तैनात गार्ड भक्तों द्वारा भगवान को अर्पण करने के लिए लाई जा रही पूजन सामग्री की जांच करेंगे। बड़ी व भारी फूल माला को गेट पर ही अलग रखवा दिया जाएगा।

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