एशेज सीरीज: ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम को लगा बड़ा झटका, पहले टेस्ट से बाहर हुए जोश हेजलवुड

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नईदिल्ली,15 नवंबर। ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम और इंग्लैंड क्रिकेट टीम के बीच एशेज सीरीज का पहले टेस्ट पर्थ में खेला जाना है। इससे पहले कंगारू टीम को बड़ा झटका लगा है। तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड हैमस्ट्रिंग स्ट्रेन के कारण टीम से बाहर हो गए हैं। शेफील्ड शील्ड मैच के दौरान असहज महसूस करने पर उन्हें तुरंत मैच से हटाया गया। बाद में हुई स्कैन रिपोर्ट में उनकी चोट की पुष्टि हुई, जिसके चलते वे शुरुआती टेस्ट में टीम का हिस्सा नहीं बन पाएंगे।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने बयान जारी कर कहा, हेजलवुड की आज दोबारा स्कैनिंग की गई, जिसमें हैमस्ट्रिंग स्ट्रेन की पुष्टि हुई। बुधवार को हुई शुरुआती स्कैन रिपोर्ट में कोई स्ट्रेन नहीं दिखा था, लेकिन फॉलो-अप इमेजिंग में चोट सामने आई। शुरुआती स्कैन कभी-कभी लो-ग्रेड मसल इंजरी को कम आंक देते हैं। इसी कारण हेजलवुड अब पर्थ नहीं जाएंगे और पहले एशेज टेस्ट से बाहर हो गए हैं।
शॉन एबॉट और पैट कमिंस भी पहले टेस्ट मैच से बाहर हैं। ऐसे में ब्रेंडन डॉगेट को डेब्यू का मौका मिल सकता है। 31 वर्षीय डॉगेट ने इस सीजन शेफील्ड शील्ड में शानदार प्रदर्शन किया है, जहां उन्होंने मामूली हैमस्ट्रिंग चोट से उबरने के बाद 14.69 की औसत से 13 विकेट झटके हैं। उनकी निरंतरता और फिटनेस चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित कर रही है। कमिंस दूसरे टेस्ट मैच में टीम में वापसी कर सकतेह
हेजलवुड ने अपना पहला टेस्ट मैच साल 2014 में भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाफ खेला था। उन्होंने अब तक 76 मुकाबले खेले हैं और इसकी 143 पारियों में 24.21 की औसत से 295 विकेट लेने में सफल रहे हैं। उन्होंने अब तक 13 बार 5 विकेट हॉल अपने नाम किए हैं और उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 6/67 का रहा है। घरेलू सरजमीं पर इस खिलाड़ी ने 41 टेस्ट में 22.70 की औसत से 168 विकेट लिए हैं।

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Next articleटैरिफ को लेकर ट्रंप ने लिया यू-टर्न, अमेरिका ने कॉफी और फलों से हटाया शुल्क न्यूयॉर्क ,15 नवंबर। टैरिफ बम फोडक़र दुनियाभर में बवाल मचाने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब यू-टर्न ले लिया है। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति ने खाद्य आयात पर शुल्क में कटौती की है। आइए जानते हैं कि इससे भारत पर क्या असर होगा। ट्रंप का यह फैसला महंगाई को नियंत्रित करने और आम जनता को राहत देने के उद्देश्य से लिया गया है। वहीं इससे भारत को भी फायदा होने वाला है। व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को घोषणा की कि उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों के फल और जूस, चाय और मसाले उन आयातों में शामिल हैं जिन पर पारस्परिक शुल्क नहीं लगेगा। व्हाइट हाउस फैक्टशीट में कॉफी और चाय, कोको, संतरे, टमाटर और बीफ का भी जिक्र किया गया। बता दें, ट्रंप ने भारत से आयात पर 25 प्रतिशत पारस्परिक शुल्क लगाया। इसके अलावा रूस से तेल खरीदने पर 25 प्रतिशत का दंडात्मक शुल्क भी जोड़ दिया है। ट्रंप ने महंगाई को नियंत्रित करने के लिए पहले जेनेरिक दवाओं से टैरिफ हटा दिया था। ट्रंप के इस फैसले से भारत को काफी लाभ पहुंचा। भारत अमेरिका में निर्धारित 47 प्रतिशत जेनेरिक दवाओं की आपूर्ति करता है। वहीं, खाद्य उत्पादों की कीमतों में कुछ वृद्धि हाई टैरिफ की वजह से हुई, जिसकी वजह से इसका सीधा असर आयातकों और खुदरा विक्रेताओं के जरिए आम जनता की जेब पर देखने को मिला। न्यूयॉर्क, न्यू जर्सी और वर्जीनिया के हालिया चुनावों में डेमोक्रेट्स पार्टी ने अपने अभियान के दौरान महंगाई को मुद्दा बनाया। डेमोक्रेट्स ने महंगाई कम करने पर अपना फोकस रखा। इससे मतदाताओं की जेब पर कुल मिलाकर ज्यादा खर्च का दबाव पड़ा, जिससे उनकी जीत में मदद मिली। वहीं दूसरी ओर ट्रंप अंतरराष्ट्रीय मामलों, टैरिफ और निवेश में व्यस्त रहे और आम जनता के लिए जो महंगाई का मुद्दा था, उसपर उनका फोकस नहीं रहा। अमेरिका में महंगाई में कमी इस समय में राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है, ऐसे में भारत को आम, अनार और चाय के निर्यात को लेकर फायदा हो सकता है। अमेरिकी मीडिया के अनुसार हाल के चुनावों में महंगाई ही वहां की जनता के लिए अहम मुद्दा रहा। सितंबर के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़ों के अनुसार, भुनी हुई कॉफी की कीमतों में 18.9 प्रतिशत और बीफ और वील की कीमतों में 14.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई। भारत से आयातित मसालों और खाद्य पदार्थों की कीमतों में भारतीय किराना दुकानों में लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।