वाशिंगटन,(ए.)। आर्टिफिशिएल इंटेलिजेंस दुनिया बदल रही है, लेकिन इसके साथ ही इससे कुछ ऐसे खतरे भी उत्पन्न हो गए हैं, जिनकी हमने नहीं की थी। अमेरिका में अब चैटजीपीटी पर बड़ा आरोप लगा है। दो सामाजिक संस्थाओं और एक किशोर ने इस एआई चैटबॉट पर आत्महत्या के लिए उकसाने और मानसिक भ्रम पैदा करने का आरोप लगाकर अदालतों में मुकदमे दायर किए हैं। दावा किया गया है कि यह तकनीक उन लोगों को भी गलत काम के लिए उकसाती है, जिनमें पहले किसी भी तरह की मानसिक बीमारी के लक्षण नहीं थे।
ओपनएआई ने इन घटनाओं को “दिल तोडऩे वाला” बताया और कहा कि वह विवरण समझने के लिए कोर्ट के दस्तावेज़ों की समीक्षा कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सोशल मीडिया विक्टिम्स लॉ सेंटर और टेक जस्टिस लॉ प्रोजेक्ट द्वारा छह वयस्कों और एक किशोर की ओर से दायर इन मामलों में आरोप है कि ओपनएआई ने जीपीटी-40 को समय से पहले जारी कर दिया जबकि कंपनी को पता था कि बिना परीक्षणों के इसे रिलीज करना खतरनाक हो सकता है और यह मॉडल यूजर पर मनोवैज्ञानिक रूप से नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।








