लाखों कर्मचारी बिना सैलरी के कर रहे काम, कर्ज लेकर चला रहे घर
वॉशिंगटन,(ए)। अमेरिका में एक अक्टूबर से शुरू हुए सरकारी शटडाउन को 36 दिन हो चुके हैं। यह अमेरिका के इतिहास का सबसे लंबा शटडाउन माना जा रहा है। इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के पहले कार्यकाल में 2018 में 35 दिनों तक सरकारी कामकाज ठप रहा था।
ट्रम्प हेल्थ केयर प्रोग्राम की सब्सिडी बढ़ाने को तैयार नहीं हैं, इस वजह से अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन सीनेट में फंडिंग बिल पास नहीं हो सका। इस बिल पर अब तक 13 बार मतदान हो चुका है, लेकिन हर बार बहुमत के लिए जरूरी 60 वोट में 5 वोट कम रह जाते हैं। शटडाउन से अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंच रहा है। कांग्रेसनल बजट ऑफिस के मुताबिक अब तक 11 अरब डॉलर का नुकसान हो चुका है। अगर शटडाउन जल्द खत्म नहीं हुआ तो देश की जीडीपी में चौथी तिमाही में 1फीसदी से 2 फीसदी की गिरावट आ सकती है। वॉशिंगटन स्थित बाइपार्टिसन पॉलिसी सेंटर के मुताबिक अब तक 6.7 लाख सरकारी कर्मचारी छुट्टी पर भेजे गए हैं।
जबकि 7.3 लाख कर्मचारी बिना सैलरी के काम कर रहे हैं। इस तरह करीब 14 लाख लोग कर्ज लेकर घर चला रहे हैं।
सीबीओ के मुताबिक जबरदस्ती छुट्टी पर भेजे गए कर्मचारियों की करीब 400 मिलियन डॉलर प्रतिदिन सैलरी का नुकसान हो रहा है। सीबीओ के डायरेक्टर ने कहा कि शटडाउन के कारण सरकारी खर्च में देरी हो रही है और इसका अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ा है। यह असर कुछ हद तक खत्म हो जाएगा, लेकिन पूरी तरह नहीं। अमेरिका में सरकारी कामकाज ठप पडऩे के चलते हवाई यातायात प्रभावित हुआ है। देशभर के कई हवाई अड्डों पर उड़ानें देरी से चल रही हैं या रद्द की जा रही हैं। परिवहन विभाग ने चेतावनी दी है कि 11,000 एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को वेतन नहीं मिला है और अगर यह स्थिति जारी रही तो हवाई यातायात पर गंभीर असर पड़ेगा।
मीडिया रिपोर्ट में फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक एयर ट्रैफिक कंट्रोलर भारी तनाव और थकान से जूझ रहे हैं, जिसके कारण बड़ी संख्या में कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 31 अक्टूबर से 2 नवंबर के बीच अमेरिका में 16,700 से ज्यादा उड़ानें देरी से चलीं और 2,282 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। 30 एयरपोर्ट्स में से आधे में स्टाफ की भारी कमी है। न्यूयॉर्क क्षेत्र के हवाई अड्डों में तो 80फीसदी तक कर्मचारी मौजूद नहीं हैं। एयर ट्रैफिक कंट्रोलर इमरजेंसी सर्विस के तहत आते हैं। इसलिए वे काम पर तो आ रहे हैं, लेकिन एक अक्टूबर से उन्हें तनख्वाह नहीं मिली है।
वहीं ट्रंप प्रशासन के परिवहन मंत्री ने कहा कि हम सिस्टम को सुरक्षित रखने के लिए ज्यादा मेहनत कर रहे हैं। इसमें उड़ानों की देरी और रद्द होना शामिल है, लेकिन वह एयर ट्रैफिक कंट्रोलरों को नहीं निकालेंगे, क्योंकि वे अपने परिवार को खिलाने के लिए दूसरी नौकरियां कर रहे हैं। शटडाउन की वजह से 42 मिलियन यानी 4.2 करोड़ अमेरिकियों की फूड स्टैंप सहायता रुक गई है। अमेरिका के एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के पास इस कार्यक्रम के लिए सिर्फ 5 अरब डॉलर का रिजर्व फंड है, जबकि नवंबर में फूड स्टैंप जारी रखने के लिए 9.2 अरब डॉलर की जरूरत होगी। न्यूयॉर्क, कैलिफोर्निया और मैसाचुसेट्स समेत 25 राज्यों ने इस फैसले के खिलाफ ट्रम्प प्रशासन पर मुकदमा दायर किया है। इन राज्यों का कहना है कि लाखों लोगों की फूड सप्लाई रोकना गैरकानूनी है।








