आलमी तब्लीगी इज्तिमा की तैयारियां आखरी दौर में, प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद

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भोपाल(ए)। राजधानी के ईंटखेडी में आयोजित होने वाले चार दिनी आलमी तब्लीगी इज्तिमा की तैयारियो आखरी दौर में पहुचं गई है। यहॉ जारी तैयारियों में ज्यादातर कामों को पूरा कर लिया गया है। पिछले कई दिनों से यहां शहर भर से वालेंटियर्स पहुंचकर जमीन समतलीकरण, पांडाल लगाने, वुजूखाने और बॉथरूम के लिए पाइप लाइन बिछाने, बिजली के खंभे खड़े करने आदि के कामों को पूरा करने के साथ ही अन्य तैयारियों में जुटे हैं। मंगलवार को आयोजन स्थल पर जिला प्रशासन कमेटी की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठके में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन के साथ इज्तिमा कमेटी के सदस्यो ने बातचीत कर इंतेजामो की जानकारी दी।
– विभागो का 90 प्रतिशत काम पूरा, दो दिन पहले हो जायेगीं सारी तैयारियां
बैठक में मौजूद प्रकाश नायक, एडीएम भोपाल ने जानकारी देते हुए बताया की इज्तिमा स्थल से संबधित की जाने वाली तैयारियों और आवश्यकताओ को लेकर प्रशासन के आला अधिकारी द्वारा दो बैठकें पहले की जा चुकी है। उन बैठकों में विस्तृत रूप से चर्चा कर सभी विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे। आज की समीक्षा बैठक में उन्हीं तैयारियों का फॉलो अप लिया गया है। उन्होंने बताया कि सभी विभागों द्वारा की जा रही तैयारियां अंतिम दौर में है, और अधिकतर काम पूरा हो चुका है, बाकी बचे हुए कार्यो को भी 12 तारीख से पहले पूरा कर लिया जाएगा। फिलहाल इज्तिमा स्थल आने वाली सडक़ों पर पेंचवर्क कर उन्हें दुरुस्त किया जा रहा है, और यदि कोई कमी सामने आती है, तो उसे भी तुरंत सुधार लिया जाएगा।विश्व स्तरीय आलमी तब्लीगी इज्तिमा से पहले आयोजन स्थल पर हिंदू व्यापारियों को दुकानें नहीं देने के मामले का इज्तिमा के मीडिया प्रभारी डॉक्टर उमर हफ़ीज़ ने खंडन करते हुए इसे अफवाह बताया है। उनका कहना है, कि ये सरासर ग़लत है, और हमारा क्राइट एरिया भी नहीं है। इज्तिमा में किसी धर्म-जाति के साथ भेदभाव नहीं किया जाता है। हमने पिछले सालों में भी हिंदू भाइयों को दुकानें दी है, और इस साल भी हिंदू भाइयों को दुकानें देंगे। उन्होनें आगे कहा की यहॉ पर कई जरुरत के सामान और चीजो की सप्लाई आसपास के रहने वाले हिंदु व्यापारी पहले से करते आये है, और अभी भी करेंगे।इज्तिमा से पहले पाकिस्तान-बांग्लादेश की जमातों को लेकर उठे सुरक्षा सवालों पर मीडिया कोऑर्डिनेटर डॉ. उमर हाफिज ने साफ किया की यह सब भ्रामक और आउट ऑफ क्वेश्चन है। उन्होंने कहा, यह तो बिल्कुल मतलब आउट ऑफ क्वेश्चन बात है। यहां पर वो ही आता है, जिसको इंडियन गवर्नमेंट वीजा देता है, और उसके बाद भी पुलिस के क्लीयरेंस के बाद वह अपना फॉर्म सी भरकर आता है। किसी भी देश से आने वाले विदेशी लोगो की जानकारी कमेटी के पास भी रहती है, जिसे संधबित थाने और आला अफसरो तक भेजा जाता है। और दुश्मन देश से आने का तो सवाल ही नहीं उठता। उन्होनें जोर देकर कहा कि सभी विदेशी जायरीनों को भारतीय वीजा और पुलिस क्लीयरेंस अनिवार्य है। फॉर्म-सी (विदेशी पर्यटक पंजीकरण) से उनकी लोकेशन ट्रैक होती है।
 

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