नईदिल्ली (आरएनएस)। दिल्ली के उत्तर-पश्चिम इलाके में दिल्ली विश्वविद्यालय की 20 वर्षीय छात्रा पर तेजाब फेंकने के मामले में पुलिस ने पीडि़ता के पिता को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि छात्रा के पिता अकील खान को बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, जिसने पूछताछ में तेजाब हमले की बात भी कबूल ली। पिता अकील ने मुख्य आरोपी जितेंद्र और उसके 2 साथियों इशान और अरमान को फंसाने के लिए हमले की साजिश रची थी।पुलिस ने आरोपी जितेंद्र की पत्नी द्वारा बलात्कार का मामला दर्ज कराने के बाद अकील खान को भलस्वा डेयरी इलाके सोमवार देर शाम को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान उसने पुलिस को बताया कि जब उसे पता चला कि जितेंद्र की पत्नी उसके खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज कराने जा रही है, तभी उसने जितेंद्र को फंसाने के लिए साजिश रची थी। इसमें अपनी बेटी को भी बदनामी के डर का हवाला देकर शामिल किया था। अकील ने बताया कि जीतेंद्र की पत्नी उसकी फैक्ट्री में काम करती थी, तभी उसका यौन शोषण किया गया था और उसके निजी फोटो भी खींचे गए थे। उसने जीतेंद्र को फंसाने के लिए शौचालय में प्रयोग किया जाने वाला टॉयलेट क्लीनर खरीदकर अपनी बेटी को दिया था, जो तेजाब नहीं था। पुलिस का दावा है कि अकील की बेटी ने खुद से ही टॉयलेट क्लीनर अपने हाथ में उड़ेल लिया और जीतेंद्र पर तेजाब हमले का आरोप लगाया।पुलिस ने बताया कि घटना के दिन पीडि़ता ने बाइक सवार 3 लोगों को हमले का आरोपी बताया था, लेकिन इलाके में और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज में बाइक सवार तीनों युवक नहीं दिखे। जांच में पता चला कि जिस वक्त घटना हुई थी, उस समय तेजाब फेंकने का आरोपी जितेंद्र अपनी पत्नी के साथ करोलबाग में था। उसकी मोबाइल लोकेशन औऱ सीसीटीवी फुटेज से यह पुष्टि हुई। इसके अलावा तेजाब का निशान कपड़े, बैग और सडक़ पर नहीं था।
मुकुंदपुर निवासी पीडि़ता लक्ष्मीबाई कॉलेज में द्वितीय वर्ष की छात्रा है। उसने पुलिस को बताया कि 26 अक्टूबर को कॉलेज जाते समय 3 लोगों ने एसिड अटैक किया। छात्रा का मुंह ढका था, जिसके चलते उसके दोनों हाथ मामूली रूप से जल गए। उसने तेजाब फेंकने का आरोप अपने पड़ोसी जितेंद्र और इशान-अरमान पर लगाया था। घटना के बाद जीतेंद्र की पत्नी ने पीडि़ता के पिता अकील पर बलात्कार का आरोप लगाया, जिससे पुलिस की तफ्तीश मुड़ गई।








