जीएसटी दर में कटौती से दीपावली होगी धमाल, बिक्री में देखने को मिलेगा ऐतिहासिक उछाल: हरवंश चावला

Join Us

नई दिल्ली (आरएनएस)। अर्थशास्त्रियों और उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि जीएसटी 2.0 सुधारों के चलते इस साल दीपावली की खरीदारी में अभूतपूर्व वृद्धि देखने को मिलेगी। क्रय शक्ति में उल्लेखनीय बढ़ोतरी और ऐतिहासिक रूप से कम मुद्रास्फीति ने उपभोक्ताओं, विशेष रूप से निम्न और मध्यम वर्ग को अधिक खरीदारी के लिए प्रेरित किया है। इस त्योहारी सीजन में रिकॉर्ड तोड़ बिक्री की उम्मीद है, जिसका लाभ व्यापारियों को भी मिलेगा।ब्रिक्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष हरवंश चावला ने आईएएनएस को बताया, “जीएसटी 2.0 के सुधारों ने खुदरा कीमतों में कमी लाई है, जिसका सबसे बड़ा प्रभाव निम्न और मध्यम वर्ग पर पड़ा है। पहले जहां लोग 100 रुपए में एक वस्तु खरीद पाते थे, अब उनकी क्रय शक्ति बढऩे से वे एक से अधिक वस्तुएं खरीद सकते हैं।उन्होंने कहा कि यह ‘ऐतिहासिक दीपावली’ होगी, जिसमें बिक्री के नए रिकॉर्ड बनेंगे और व्यापारियों को भारी मुनाफा होगा। चावला ने जीएसटी 2.0 के प्रभाव को प्रधानमंत्री मोदी और उनकी टीम के प्रयासों का परिणाम बताया।
उन्होंने कहा, “जीएसटी दरों में कमी से आम आदमी की क्रय शक्ति में वृद्धि हुई है। जब क्रय शक्ति बढ़ती है तो खुदरा मुद्रास्फीति स्वत: कम हो जाती है। यह सरकार की ओर से एक बहुत बड़ा कदम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस कदम ने न सिर्फ उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाया है, बल्कि समग्र आर्थिक माहौल को भी सकारात्मक दिशा दी है। जीएसटी 2.0 के तहत वस्तुओं और सेवाओं पर कर की दरों में कमी से कई आवश्यक और गैर-आवश्यक वस्तुओं की कीमतें घटी हैं। इससे विशेष रूप से निम्न और मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं की खरीदारी की क्षमता में इजाफा हुआ है। हरवंश चावला ने बताया, “पहले जो व्यक्ति सीमित बजट में एक ही वस्तु खरीद पाता था, वह अब अपने बजट में अधिक सामान खरीद सकता है। यह बदलाव उपभोक्ता विश्वास को बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित हुआ है।” इसके अलावा, विशेषज्ञों का मानना है कि जीएसटी सुधारों ने खुदरा क्षेत्र में मांग को बढ़ावा दिया है, जिससे व्यापारियों को इस त्योहारी सीजन में बंपर बिक्री की उम्मीद है। चावला ने कहा, “इस बार की दिवाली बिक्री पहले की तुलना में कहीं अधिक होगी। यह व्यापारियों के लिए भी सुनहरा अवसर है।” उन्होंने यह भी अनुमान लगाया कि इस साल की बिक्री पिछले वर्षों के सभी रिकॉर्ड तोड़ सकती है। जीएसटी 2.0 न केवल उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद है, बल्कि यह अर्थव्यवस्था को गति देने और रोजगार सृजन में भी सहायक होगा। इस दिवाली, बाजारों में रौनक और उत्साह के साथ भारत एक नए आर्थिक उछाल की ओर बढ़ रहा है।

Previous articleइंस्टाग्राम पर टीनएजर्स का नहीं होगा पूरा कंट्रोल, लगाई गई पाबंदियां
Next articleअगले महीने मुद्रास्फीति 0.45 प्रतिशत के आसपास रहने की संभावना : एसबीआई