जूता सीजेआई गवई पर नहीं फेंका…..बल्कि भारत के संविधान पर जूता फेंकने की कोशिश

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 शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने घटना की कड़ी निंदा की
मुंबई (ए.)। शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया बीआर गवई पर जूता फेंकने की कोशिश की कड़ी निंदा की है। उन्होंने घटना को भारत के संविधान पर हमला करार दिया। शिवसेना यूबीटी गुट के नेता राउत ने दावा किया कि घटना केवल सीजेआई के बारे में नहीं थी, बल्कि यह मौजूदा राजनीतिक माहौल का प्रतिबिंब थी, जहां सत्ता में बैठे लोग संविधान का सम्मान नहीं करते और उनके चाहने वाले इस तरह के कृत्यों का सहारा लेते हैं। राउत ने कहा, जूता सीजेआई गवई पर नहीं फेंका गया, बल्कि यह भारत के संविधान पर जूता फेंकने की कोशिश थी।बता दें कि सीजेआई पर जूता फेंकने की कोशिश वाली घटना ने देश में बढ़ती असहिष्णुता और संस्थानों के प्रति अनादर को लेकर तीखी बहस शुरु कर दी है। कई लोगों ने जजों की सुरक्षा और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर इसके संभावित प्रभावों को लेकर चिंता जाहिर की है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, बीएसपी प्रमुख मायावती और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल सहित कई नेताओं ने घटना की निंदा की। उन्होंने इस घटना को लोकतंत्र और न्यायपालिका पर हमला बताया। बात दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य सरकारी अधिकारियों ने भी घटना की निंदा की और न्यायपालिका के सम्मान की महत्ता पर जोर दिया।वहीं महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि चीफ जस्टिस गवई महाराष्ट्र के गौरव हैं। एक वकील की ओर से उन पर हमला करने का प्रयास निंदनीय है। लोकतंत्र में इसतरह की घटनाओं के लिए कोई जगह नहीं है। विपक्षी दल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने इस घटना के विरोध में प्रदर्शन किया।

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