नई दिल्ली (ए)। देश की सर्वोच्च अदालत की सुरक्षा में एक बड़ी चूक का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सोमवार (6 अक्टूबर, 2025) को सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान 60 वर्षीय एक वकील ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बीआर गवई पर जूता फेंकने की कोशिश की। जूता बेंच तक पहुंचने से पहले ही गिर गया, जिससे सीजेआई को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। इस घटना के दौरान हमलावर वकील ‘सनातन धर्म का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ जैसे नारे लगा रहा था। अदालत में मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उसे तुरंत दबोच लिया। यह हैरान करने वाली घटना तब हुई जब चीफ जस्टिस बीआर गवई अपनी बेंच पर एक मामले की सुनवाई कर रहे थे। इसी दौरान राकेश किशोर नामक 60 वर्षीय वकील ने अपनी जगह से उठकर नारे लगाना शुरू कर दिया और बेंच की तरफ जूता उछाल दिया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, कोर्टरूम में तैनात सुरक्षाकर्मी हरकत में आए और हमलावर वकील को तुरंत पकडक़र हिरासत में ले लिया। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है कि उसने यह कदम क्यों उठाया।इस अप्रत्याशित घटना के बावजूद चीफ जस्टिस बीआर गवई बिल्कुल भी विचलित नहीं हुए। उन्होंने बेपरवाही से अपना काम जारी रखा और मामले की सुनवाई करते रहे। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, मुझे ऐसी चीजों से फर्क नहीं पड़ता। मौके पर मौजूद अन्य वकीलों ने भी बताया कि चीफ जस्टिस इस वाकये से बिलकुल परेशान नहीं हुए और सामान्य रूप से कामकाज जारी रखा। पुलिस ने बताया कि आरोपी वकील राकेश किशोर के पास से वकीलों और क्लर्कों को जारी किया जाने वाला एक एंट्री कार्ड भी बरामद हुआ है।








