-दिसंबर तक देश भर में ऐसे 43 लाख मामले थे, राजस्थान में सबसे ज्यादा
नई दिल्ली,(ए.)। चेक बाउंस के मामलों के अदालतों में लगातार बढ़ते रहने के कारण, कुछ राज्यों में लंबित मामलों का 50 फीसदी तक हिस्सा इन्हीं मामलों में है। सुप्रीम कोर्ट ने इनके शीघ्र निपटान के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनमें वाट्सएप और ईमेल के जरिए समन की तामील और निपटान के लिए क्यूआर कोड या यूपीआई लिंक का उपयोग शामिल है। ऐसे में इस फैसले से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। लंबित मामलों की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए जस्टिस मनमोहन और जस्टिस एन वी अंजारिया की पीठ ने कहा कि दिसंबर तक देश भर में ऐसे 43 लाख मामले थे। इनमें राजस्थान में सबसे ज्यादा 6.4 लाख मामले थे। इसके बाद महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, यूपी और बंगाल का नंबर आता था। 1 सितंबर को दिल्ली में धारा 138 के तहत 6,50,283 मामले, मुंबई में 1,17,190 और कोलकाता में 2,65,985 मामले लंबित थे। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि शिकायतकर्ताओं की तरफ से समन की तामील दस्ती और इलेक्ट्रॉनिक के जरिए की जाए। इसमें शिकायतकर्ताओं को अभियुक्त का संपर्क विवरण देना जरुरी होगा। जिला न्यायालयों को प्रारंभिक चरण में निपटान के लिए ऑनलाइन भुगतान सुविधाएं प्रदान करनी चाहिए।








