भारत-पाकिस्तान का हाई-वोल्टेज मुकाबला आज, टीम इंडिया की निगाहें सिर्फ जीत पर

Join Us

दुबई (ए)। रविवार को दुबई में एशिया कप 2025 के फाइनल में उतरने वाली भारतीय टीम के 11 खिलाड़ी सिर्फ एक चीज़ पर ध्यान केंद्रित करेंगे वो है पाकिस्तान के खिलाफ जीत हासिल करना। यह हाई-वोल्टेज मुकाबला न केवल क्रिकेट के रोमांच से भरा होगा, बल्कि इसके पीछे राजनीतिक तनाव और भावनात्मक उतार-चढ़ाव भी छिपे हैं। वर्षों से भारत-पाकिस्तान मैचों में उत्साह कम नहीं रहा, लेकिन शायद ही कभी मैदान और मैदान के बाहर की राजनीति इतनी घनीभूत रही हो।इस एशिया कप 2025 में अभी तक सुर्खियों में अभिषेक शर्मा और कुलदीप यादव रहे। अभिषेक ने 200 से अधिक स्ट्राइक रेट के साथ लगातार तीन अर्धशतक जमाए हैं, जबकि कुलदीप ने 13 विकेट लेकर भारतीय टीम की गेंदबाजी को मजबूती दी। हालांकि, यह सफलता भी विवादों और टकराव से अलग नहीं रही। भारत-पाकिस्तान के पहले मैच में कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टॉस और मैच के बाद हाथ नहीं मिलाया, जिससे पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हारिस राऊफ ने तानों और भडक़ाऊ इशारों के जरिए जवाब दिया। यह घटना इतनी गर्मागरम हुई कि दोनों खिलाड़ी आईसीसी के जांच के दायरे में आए और 30 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया। पाकिस्तान के गृह मंत्री और क्रिकेट बोर्ड प्रमुख मोहसिन नकवी ने भी सोशल मीडिया पर भडक़ाऊ पोस्ट डालकर माहौल और गर्म किया।
कागजों पर भारत टूर्नामेंट में अब तक अजेय है। लगातार छह जीत के बावजूद श्रीलंका ने भारत को केवल सुपर ओवर तक ही रोका। पाकिस्तान फाइनल तक लडख़ड़ाता हुआ पहुंचा है, लेकिन उनके मुख्य कोच माइक हेसन ने बांग्लादेश को हराने के बाद कहा, “फाइनल ही एकमात्र मैच है जो मायने रखता है।” भारत का सहयोगी स्टाफ भी यही सोचता है। गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने बताया कि अब “बदसूरत जीत भी जीत होती है।” हालांकि, भारत के खिलाड़ी चोटों से पूरी तरह मुक्त नहीं हैं। श्रीलंका के खिलाफ हार्दिक पांड्या मांसपेशियों की चोट के कारण मैदान से हट गए, जबकि अभिषेक शर्मा को भी ऐंठन की समस्या हुई।
मोर्कल ने पुष्टि की कि अभिषेक पूरी तरह फिट हैं। पंजाब के इस बल्लेबाज ने छह मैचों में 309 रन बनाकर भारत की बल्लेबाजी का भार अकेले उठाया है। इस अंतर को देखकर साफ है कि बाकी खिलाडिय़ों पर भी दबाव रहेगा। शुभमन गिल, संजू सैमसन और तिलक वर्मा ने कुछ अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन असली जिम्मेदारी अभिषेक के कंधों पर है। अगर वह सफल नहीं रहे, तो टीम को गंभीर चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
पाकिस्तान की कमजोरियों का फायदा भारतीय टीम उठा सकती है। सलमान आगा की अगुवाई वाली टीम का बल्लेबाजी क्रम संतुलित नहीं रहा, जबकि कुछ खिलाडिय़ों जैसे साहिबजादा फरहान ने ही चुनौती दी। सईम अयूब का टूर्नामेंट निराशाजनक रहा। हुसैन तलत और सलमान अली आगा भारतीय स्पिनरों के सामने लडख़ड़ाए। इसलिए फाइनल में कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती की भूमिका निर्णायक हो सकती है। पाकिस्तान की उम्मीदें शाहीन शाह अफरीदी और हारिस राऊफ के आक्रामक प्रदर्शन पर टिकी हैं, लेकिन उन्हें भी अपने साथी गेंदबाजों का पूरा समर्थन नहीं मिलेगा। 28 सितंबर को रात आठ बजे भारतीय समयानुसार खेला जाने वाला यह मुकाबला शिष्टाचार से ज्यादा नतीजों के लिए याद रखा जाएगा। दोनों ही टीमें एक दूसरे पर जीत के लिए जी जान लगाती नजर आएगी। भारत-पाकिस्तान की यह जंग केवल क्रिकेट नहीं, बल्कि सम्मान और भावनाओं का भी प्रतिरूप होगी।

Previous articleतमिलनाडु के नमक्कल में एक्टर विजय की रैली में भगदड़, 10 मौतों की पुष्टि, 30 हुए घायल
Next articleकांग्रेस नेता पर 1 अरब 24 करोड़ का महा-जुर्माना, अवैध खनन पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई