चमोली में बादल फटने से 12 मकान तबाह, 10 लोग मलबे में दब गए

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देहरादून (ए.)। उत्तराखंड में देहरादून के बाद अब चमोली जिले में बुधवार देर रात लगभग 2:30 बजे नंदानगर क्षेत्र के फाली कुंतरी, सैंती कुंतरी, भैंसवाड़ा और धुर्मा गांवों के ऊपर पहाड़ी पर बादल फटने से भारी तबाही मच गई। कम से कम 10 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है।
चमोली जिले के ग्राम कुंतरी लंगाफली में बादल फटने से 10 लोग लापता हो गए हैं, जिनमें कुंवर सिंह (42), उनकी पत्नी कांता देवी (38), दोनों पुत्र विकास और विशाल (10-10 वर्ष), नरेंद्र सिंह (40), जगदम्बा प्रसाद (70), उनकी पत्नी भागा देवी (65) और देवेश्वरी देवी (65) शामिल हैं। आशंका है कि सभी मलबे में दबे हुए हैं। वहीं, दुर्गा गाँव से भी दो लोगों के लापता होने की खबर है, इनमें गुमान सिंह (75) और ममता देवी (38) शामिल हैं।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, मलबा आने से 12 मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए। अकेले कुंतरी लंगाफली वार्ड में 6 मकानों के मलबे में दबने की सूचना है। हादसे में 10 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जबकि 2 लोगों को जीवित बचा लिया गया है। कई जगहों पर घरों का नामोनिशान तक नहीं बचा और लोग बेघर होकर सडक़ों पर निकल आए। ज़िला प्रशासन के मुताबिक, क्षेत्र की अधिकांश सडक़ों को नुकसान पहुंचा है, जिससे राहत कार्य में दिक़्कतें आ रही हैं। तहसीलदार राकेश देवली ने बताया कि प्रशासन की टीम प्रभावित इलाकों में भेज दी गई है। एसडीआरएफ की टीम नंदप्रयाग पहुंच चुकी है, जबकि एनडीआरएफ की टीम गोचर से नंदप्रयाग के लिए रवाना हो गई है। सीएमओ कार्यालय ने बताया कि मौके पर मेडिकल टीम और तीन 108 एम्बुलेंस भी भेजी गई हैं। नंदानगर तहसील के धुर्मा गांव में भी भारी बारिश से 4-5 मकानों को नुकसान हुआ है। वहीं, मोक्ष नदी का जलस्तर अचानक बढऩे से लोगों में दहशत है।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में नदी के उफान, मलबे और टूटी सडक़ों का भयावह मंजर दिखाई दे रहा है। ज़िला अधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि अब तक 10-12 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और यह संख्या और बढ़ सकती है। कई दुकानें भी प्रभावित हुई हैं।उन्होंने कहा, हम जेसीबी की मदद से सडक़ों को खोलने की कोशिश कर रहे हैं। उम्मीद है कि अगले 30-45 मिनट में राहत दल प्रभावित इलाकों तक पहुंच जाएंगे। राहत केंद्रों की पहचान कर ली गई है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा।

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