इमरान की बहन बोलीं- देश में है फासीवादी शासन, लोगों को किया जा रहा परेशान
इस्लामाबाद,(ए)। पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान के बाद उनके खानदान पर भी शहबाज सरकार ने शिकंजा कसा दिया है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान खान के दो भांजे, शाहरेज खान और शेरशाह खान को पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि दोनों का नाम 9 मई 2023 के दंगों और जिन्ना हाउस पर हुए हमले की जांच में सामने आया था। शाहरेज को गुरुवार को लाहौर में उनके घर से जबकि शेरशाह को शुक्रवार घर जाते समय गिरफ्तार किया।
मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक कोर्ट ने शाहरेज को आठ दिन के रिमांड पर पुलिस के हवाले कर दिया है। बता दें शाहरेज खान, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने के बाद वह ऑस्ट्रेलिया की बड़ी लिनन सप्लाई कंपनी सिंबा ग्लोबल में रीजनल हेड हैं। इसके अलावा वह एक प्रोफेशनल ट्रायथलीट भी हैं। उनके वकील ने कहा कि गिरफ्तारी पूरी तरह गैर-कानूनी है, क्योंकि शाहरेज का नाम किसी एफआईआर में नहीं था और न ही उन्हें पहले कभी पुलिस ने बुलाया।शाहरेज के वकील का दावा है कि 9 मई के दंगों के समय शाहरेज लाहौर में नहीं, बल्कि चितराल में मौजूद थे। वकील ने कहा कि यह गिरफ्तारी इमरान खान को जमानत मिलने के बाद दबाव बनाने के लिए की गई है। वहीं, इमरान खान की बहन ने भी गिरफ्तारी के बाद शहबाज सरकार पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गुरुवार रात कई नकाबपोश हथियारबंद लोग उनके घर में घुस आए। इस दौरान स्टाफ के साथ मारपीट की और उनकी बहू को टॉर्चर किया, फिर शाहरेज को उनकी दो छोटी बेटियों के सामने जबरन उठाकर ले गए। उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल से देश में फासीवादी शासन चल रहा है जिसमें हजारों घरों पर छापेमारी की गई और निर्दोष लोगों को परेशान किया जा रहा है।
बता दें इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं और उन पर दर्जनों केस चल रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में 9 मई के दंगों से जुड़े आठ मामलों में उन्हें जमानत दी है, लेकिन फिर भी उनके जेल से बाहर आने की संभावना नहीं है। दूसरी तरफ इमरान खान का एक और भांजा हसन नियाजी पहले ही एक सैन्य अदालत से दोषी ठहराया जा चुका है। विश्लेषकों का कहना है कि खान परिवार पर लगातार दबाव बढ़ाया जा रहा है ताकि इमरान खान और पीटीआई की राजनीतिक ताकत को कमजोर किया जा सके।








