गंगा और यमुना समेत 17 नदियां उफान पर, 25 शहरों में बाढ़ का संकट

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नईदिल्ली,(आरएनएस)। देश भर में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है और लगातार हो रही बारिश से हाल बेहाल है। इस बीच राज्यों में बहने वाली नदियां भी उफान मार रही हैं। केंद्रीय जल आयोग ने बाढ़ पूर्वानुमान को लेकर बड़ी जानकारी साझा की है। आयोग के मुताबिक, देश में करीब 17 नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं, जबकि कई पार करने की कगार में हैं। दिल्ली और भागलपुर समेत कई शहरों में बाढ़ का खतरा है।
आयोग के मुताबिक, दिल्ली में पिछले 3 दिनों से बारिश बंद है, लेकिन फिर भी यमुना नदी उफान पर है। मंगलवार को पुराने रेलवे पुल पर नदी का जलस्तर 205.78 मीटर दर्ज किया गया है, जो 205.33 मीटर खतरे के निशान के ऊपर है। यमुना में हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से 32,926 क्यूसेक, वजीराबाद से 66,310 और ओखला बैराज से 91,212 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से बाढ़ की संभावना बन रही है। इससे कई इलाकों में जलभराव का खतरा है।आयोग के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के बदायूं, फर्रूखाबाद और फतेहपुर के भिटौरा में गंगा नदी खतरे के निशान के ऊपर बह रही है। बाराबंकी, अयोध्या और बलिया में घाघरा नदी खतरे के निशान को पार कर गई है। लखीमपुर खीरी के पलियाकलां में शारदा नदी और शाहजहांपुर के डाबड़ी में रामगंगा नदी उफान पर है। उत्तराखंड में हरिद्वार के रायसी में बाणगंगा खतरे के निशान को पार कर गई है। आयोग के मुताबिक, बिहार के भागलपुर में गंगा, खगडिय़ा के बुढ़ही और कोसी, पूर्णिया में परमान नदी खतरे के निशान के ऊपर बह रही है। कर्नाटक के चामराजनगर में कावेरी और चिकमंगलुरू में तुंगा, बेलगाम में घाटप्रभा, महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग में गाद, बागमती उफान पर हैं। तेलंगाना के सिरपुर में वर्धा, असम के बारपेटा में बेकी और सोनितपुर में जियाभराली, पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में गंगा, आंध्र प्रदेश के कुरनूल में तुंगभद्रा नदीं खतरे का निशान पार कर गई हैं।
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