राहुल गांधी ने वोट चोरी के 5 तरीकों का किया जिक्र
नई दिल्ली (ए.)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को कर्नाटक के एक विधानसभा क्षेत्र का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर धांधली करके बीजेपी को फायदा पहुंचाया गया। उन्होंने ‘वोट चोरी’ शीर्षक से कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र के मतदाता सूची के आंकड़ों की प्रस्तुति दी और धांधली का दावा किया। राहुल गांधी ने कहा कि उनकी टीम को जांच के दौरान यहां वोट चोरी के सबूत मिले। राहुल गांधी ने इस दौरान 33 हजार लोगों की तरफ से फॉर्म संख्या 6 के दुरुपयोग पर अधिक जोर दिया।
राहुल गांधी ने कहा कि वोटों की चोरी पांच तरीकों से की गई। इनमें डुप्लिकेट वोटर्स, फर्जी और गलत घर का पता, एक ही पते पर भारी संख्या में वोटर्स, अवैध फोटो और फॉर्म 6 का दुरुपयोग शामिल है। राहुल गांधी ने एक विधानसभा में एक लाख से अधिक की वोट चोरी की बात कही। चोरी के पांच तरीकों में फेक और गलत अड्रेस के बाद सबसे अधिक संख्या फॉर्म 6 के दुरुपयोग की थी। ऐसे में जानते हैं आखिर फॉर्म-6 क्या है।
क्या होता फॉर्म 6
फॉर्म 6 आमतौर एक ऐसा फॉर्म है जिसका प्रयोग वोटर लिस्ट में नाम जोडऩे के लिए किया जाता है। यदि आप वोटर नहीं हैं तो आपको वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरकर जमा करवाना होता है। यदि आप 18 साल के अधिक उम्र के हैं और आपका आपने पिछले चुनाव में वोट नहीं दिया है तो आप इस फॉर्म को भरकर अपना नाम वोटर लिस्ट में जुड़वा सकते हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो यह मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए एक आवेदन है। 18 वर्ष या उससे अधिक आयु का कोई भी भारतीय नागरिक इस प्रक्रिया से गुजरने का पात्र है। इसके अलावा, जिस निर्वाचन क्षेत्र में वह पहले से पंजीकृत है, उसे छोडक़र अन्यत्र जाने वाले व्यक्ति को भी यह फॉर्म भरना होता है। आवेदक को अन्य बातों के अलावा अपना नाम, आयु, लिंग, जन्म स्थान, सामान्य निवास स्थान तथा मतदाता सूची में पहले से शामिल परिवार के सदस्यों का विवरण देना होता है।








